चंबा (टिहरी)। बेमुंडा स्थित प्राचीन पित्रेश्वर महादेव मंदिर का पुनर्निर्माण शुरू न होने पर ग्रामीणों ने आरपार की लड़ाई का ऐलान कर दिया है। मंदिर पुनर्निर्माण और मूर्ति स्थापना की मांग को लेकर लोगों ने 21 सितंबर से अनिश्चितकालीन आंदोलन शुरू करने का निर्णय लिया है।
बृहस्पतिवार को बेमुंडा में मंदिर पुनर्निर्माण समिति की बैठक में ढहाए गए मंदिर का दोबारा से निर्माण शुरू न होने पर रोष प्रकट किया गया। वक्ताओं ने कहा कि मंदिर के मुख्य गर्भगृह में स्वयंभू शिवलिंग होने के बावजूद प्रशासन मामले में हीलाहवाली रवैया अपना रहा है। ऋषिकेश-धरासू हाईवे किनारे बेमुंडा में वन विभाग की भूमि पर बने पित्रेश्वर महादेव मंदिर को तहसील प्रशासन की टीम ने 17 अगस्त को तोड़ दिया था। प्रधान नरेंद्र सिंह ने कहा कि बेमुंडा में पुराने मोटर मार्ग को पुनर्जीवित करने से मंदिर को बचाया जा सकता है। समिति की डुग्गा देवी, किशन सिंह ने कहा कि देवभूमि में प्राचीन संस्कृति और सभ्यता को नष्ट नहीं होने दिया जाएगा। इसके बाद निर्णय लिया गया कि शुक्रवार को मंदिर समिति का प्रतिनिधिमंडल जिलाधिकारी से मिलेगा। बैठक में समिति के संरक्षक लाखी राम जोशी, डा. प्रमोद उनियाल, भगवान सिंह रावत, दयाल सिंह भंडारी, प्रेम सिंह नेगी, यशपाल सिंह चौहान, कैलाश कोठियाल, सोबन सिंह भंडारी, धूम सिंह रावत, कमान सिंह, पूरण सिंह उपस्थित रहे।