चंबा (टिहरी)। चंबा-मूसरी फलपट्टी के दर्जनों गांवों की प्यास बुझाने वाली महत्वाकांक्षी सुरकंडा पेयजल योजना का निर्माण कार्य ठप हो गया है। बनाली गांव के लोग पहले उनके गांव में पेयजल लाइन निर्माण करने की मांग पर अड़े हैं। बनाली के लोगों के आक्रोश को देखते हुए पेयजल निगम के अधिकारी एक माह से बंद पड़े सुरकंडा पेयजल योजना का काम शुरू करने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे हैं।
चंबा-मसूरी फलपट्टी के जड़ीपानी, चोपड़ियाल गांव, काणाताल, खुरेत, ठांगधार, पुजाल्डी सहित कई गांवों में पानी की किल्लत बनी रहती है। क्षेत्र की पेयजल समस्या के निराकरण के लिए वर्ष 2015 में 41 करोड़ 5 लाख लागत की सुरकंडा पंपिंग पेयजल योजना स्वीकृत की गई थी। पेयजल निगम चंबा ने अप्रैल 2016 से योजना पर काम शुरू किया था। विभाग अभी तक 10 किमी मेन पेयजल लाइन बिछा चुका है और टैंकों का निर्माण कार्य चल रहा था। पिछले अगस्त में बनाली गांव के लोगों ने निर्माण स्थल पर पहुंचकर योजना का काम रुकवा दिया। ग्रामीणों का कहना है कि जब तक उनके गांव की पेयजल योजना को वित्तीय स्वीकृति नहीं मिल जाती है, तब तक दूसरी योजना का काम भी नहीं होने दिया जाएगा। पेयजल निगम के अधिशासी अभियंता आलोक कुमार का कहना है कि टीम कई बार ग्रामीणों को मनाने के लिए बनाली गांव जा चुकी है, लेकिन हर बार ग्रामीणों के तीखे तेवरों के आगे उन्हें बैरंग लौटना पड़ा है। अधिकारियों का कहना है कि विभाग को अभी तक सुरकंडा पेयजल योजना पर स्वीकृत लागत के सापेक्ष करीब साढ़े चार करोड़ ही मिल पाए, जबकि अभी इनटेक पंप हाउस, ट्रीटमेंट प्लान और मेन टैंक सहित अन्य महत्वपूर्ण कार्य शुरू होने बाकी हैं। प्रधान कुंवर सिंह मनवाल का कहना है कि जब तक गांव की पेयजल योजना को वित्तीय स्वीकृति नहीं मिल जाती, तब तक सुरकंडा पेयजल योजना पर काम नहीं करने दिया जाएगा।