नई टिहरी। जिले में रसोली, पथरी समेत अन्य गंभीर रोगों से पीड़ित लोगों को आपरेशन कराने के लिए अब ऋषिकेश और देहरादून के अस्पतालों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। जिला अस्पताल बौराड़ी में पहली बार रसोली का सफल आपरेशन हुआ है। डाक्टरों की टीम ने दर्द से पीड़ित महिला का आपरेशन कर दो किलो की रसोली निकाली है।
जिला अस्पताल बौराड़ी वर्षों से विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी से जूझ रहा था, जिसके चलते अस्पताल केवल रेफरल सेंटर बना हुआ था। विशेषज्ञ डाक्टर नहीं होने से ओटी का संचालन नहीं हो पा रहा था। वर्तमान में अस्पताल में सर्जन, फिजिशियन, एनेस्थेेसिस्ट समेत आधा दर्जन डाक्टरों की तैनाती हुई है। डाक्टरों के तैनात होने से पीड़ितों को भी लाभ मिलने लगा है। जिला मुख्यालय के निकटवर्ती गांव बुडोगी की सीमा चौहान पत्नी राकेश चौहान लंबे समय से पेट से दर्द से पीड़ित थी। परिजनों ने कुछ माह पहले पीड़ित सीमा को ऋषिकेश और देहरादून में डाक्टरों को दिखाया था। डाक्टरों ने रसोली बताते हुए आपरेशन पर करीब 50-60 हजार रुपये का खर्च बताया था। पीड़ित के परिजन आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं होने से आपरेशन नहीं करवा पा रहे थे। अस्पताल में विशेषज्ञ डाक्टर आने की जानकारी मिलने पर परिजनों ने सीमा चौहान को रविवार को बौराड़ी अस्पताल में भर्ती करवाया। सोमवार सुबह सर्जन डा. परमार्थ जोशी, डा. गौरव मिश्रा, एनेस्थेसिस्ट डा. संदीप पांगती समेत एमएस तुुलसा चौधरी और सहयोगी प्रतीक रावत की टीम ने सीमा का आपरेशन कर दो किलो की रसोली निकालकर उसकी जान बचाई है। आपरेशन होने के बाद पीड़िता पूरी तरह स्वस्थ है।
डाक्टरों का आभार जताया
उद्योग व्यापार मंडल इकाई नई टिहरी के अध्यक्ष मायाराम थपलियाल, पूर्व अध्यक्ष भगत सिंह चौहान, स्वयंवर चौहान, विनोद डोभाल, अब्दुल अतिक, अजय बिष्ट, प्रकाश सेमाल, विकास रतूडी, मनोज समेत कई व्यापारियों ने जिला अस्पताल में पहली बार रसोली का सफल आपरेशन होने पर चिकित्सकों की टीम का आभार व्यक्त किया। उन्होंने टिहरी विधायक धन सिंह नेगी का आभार जताते हुए कहा कि विधायक के प्रयासों से ही अस्पताल में विशेषज्ञ डाक्टरों की तैनाती हो पाई है।