चंबा (टिहरी)। शिक्षकों के बायोमीट्रिक हाजिरी नहीं लगाने से परेशान गढ़वाल विवि प्रशासन ने इस समस्या का समाधान छात्रों और शिक्षकों की खुली अदालत से निकालने का फैसला लिया है। छात्रों और शिक्षकों की खुली अदालत के लिए विवि प्रशासन ने 11 अगस्त की तिथि तय की है। एसआरटी परिसर बाशाहीथौल के निदेशक प्रो. आरसी रमोला की ओर से इस संबंध में छात्रों और शिक्षकों को विधिवत पत्र भी सौंपा गया है।
एसआरटी परिसर के शिक्षक विवि के बिड़ला परिसर श्रीनगर और पौड़ी परिसर के शिक्षकों के लिए भी बायोमीट्रिक हाजिरी शुरू करने की जिद् पर अड़े हैं। शिक्षकों का कहना है कि विवि के तीनों परिसरों में एक जैसी व्यवस्था लागू होनी चाहिए। छात्रों की मांग पर गढ़वाल विवि प्रशासन ने एक अगस्त से एसआरटी परिसर के शिक्षकों और कर्मचारियों के विधिवत बायोमीट्रिक हाजिरी लगाने का आदेश जारी किया था। कर्मचारी तो बायोमीट्रिक हाजिरी लगा रहे हैं, लेकिन शिक्षकों ने बहिष्कार कर दिया था। शिक्षकों के बायोमीट्रिक हाजिरी न लगाने के विरोध में छात्र संगठन एनएसयूआई और अभाविप पिछले चार दिन से आंदोलनरत हैं। एबीवीपी ने छात्रों और अभिभावकों का समर्थन जुटाने के लिए हस्ताक्षर अभियान चलाने में जुटे हैं। बायोमीट्रिक हाजिरी के मामले में दोनों छात्र संगठनों के एकजुट होने पर विवि प्रशासन के अधिकारी चिंता में हैं।
कोट
बायोमीट्रिक हाजिरी को लेकर 11 अगस्त को शिक्षकों और छात्रों की खुली बैठक में चर्चा की जाएगी। खुली चर्चा में आने के लिए शिक्षकों और छात्र संघ पदाधिकारियों को पत्र दे दिया गया है।
-प्रो. आरसी रमोला, निदेशक एसआरटी बादशाहीथौल परिसर