नई टिहरी। टिहरी झील के किनारे दो साल से 65.62 करोड़ की संपत्तियां लावारिस पड़ी हुई हैं। झील में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एकेडमी, एडवेंचर सेंटर, फ्लोटिंग, लॉग हट्स, बार्ज बोट और फ्लोटिंग मरीना निर्मित की गईं थीं। तब रोजगार के लिए इन योजनाओं को महत्वपूर्ण माना जा रहा था, लेकिन सरकार की आधी-अधूरी तैयारियों के चलते योजनाओं का संचालन शुरू नहीं हो पाया है।
वर्ष 2005 में बने टिहरी बांध को संवारने के लिए 2012-13 में पूर्व सरकार ने कोटी कॉलोनी में राजीव गांधी साहसिक खेल एकेडमी का निर्माण किया था। एकेडमी में एक छत के नीचे वाटर एडवेंचर, एरो एडवेंचर, लैंड एडवेंचर का प्रशिक्षण युवाओं को दिया जाना प्रस्तावित था। इसके लिए छात्रावास भी बनाया गया। झील में फ्लोटिंग मरीना (चलता-फिरता रेस्टोरेंट), ठहरने को 20 फ्लोटिंग हट्स, 10 इको हट्स, बार्ज बोट, एडवेंचर टूरिस्ट सेंटर कम रेस्टोरेंट और फर्नीचर आदि पर करीब 65.62 करोड़ खर्च हो चुके। संचालन के अभाव में बार्ज बोट, फ्लोटिंग मरीना, फ्लोटिंग हट्स झील में खराब हो रही है।
कोट
पूर्व सरकार की गलत नीतियों से योजनाओं का संचालन शुरू नहीं हो पाया। एकेडमी से लेकर अन्य योजनाओं को भी सरकार अपने संसाधनों से चलाएगी। इसके लिए निदेशक स्तर के अधिकारी के तैनाती टिहरी में करवाई जाएगी। जल्द ही इनका संचालन शुरू करवाया जाएगा। -धन सिंह नेगी, विधायक टिहरी।
पीपीपी मोड पर संचालन को दो-तीन बार निविदाएं निकाली गई हैं। किसी भी फर्म ने शर्तों का पालन नहीं किया है, जिससे पार्टनर का नहीं हो पाया है। -सतीश बहुगुणा, नोडल अधिकारी पर्यटन विकास परिषद।