नई टिहरी। हिंदी राजभाषा के क्रियान्वयन को लेकर आयोजित नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति की बैठक में हिंदी भाषा को और ज्यादा प्रभावी बनाने पर जोर दिया गया। बैठक में जिले के 31 केंद्रीय कार्यालयों, प्रतिष्ठानों और सार्वजनिक उपक्रमों के विभागाध्यक्षों ने प्रतिभाग किया। इनमें पीएनबी, जेएनवी पौखाल, एलआईसी, केवी, न्यू इंडिया एश्योरेंस के विभागाध्यक्ष आदि शामिल थे।
टीएचडीसी के भागीरथीपुरम में आयोजित 12वीं राजभाषा समिति की अर्द्धवार्षिक बैठक का गृह मंत्रालय राजभाषा के क्षेत्रीय कार्यालय के उप निदेशक अजय मलिक और टीएचडीसी के अपर महाप्रबंधक यूके ठाकुर ने शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि हिंदी में कार्य करने में गर्व महसूस होना चाहिए। केंद्रीय कार्यालयों में आमजन को हिंदी में कार्य करने के लिए प्रेरित करें। कहा कि पीएम मोदी ने विश्वस्तर पर हिंदी को नया आयाम दिया है। एजीएम कार्मिक एवं प्रशासन सी मिंज ने टीएचडीसी के कार्यों और प्रगति की जानकारी दी। समिति के सचिव व उप प्रबंधक इंद्र राम नेगी ने समिति के विभागों से आई हिंदी की अर्द्धवार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत की। बैठक में सभी कार्यालयों में शत प्रतिशत हिंदी में कार्य करने का प्रस्ताव पारित किया। इस मौके पर डीजीएम बीके सिन्हा, कोटेश्वर सीमांत पंत सहित विभिन्न विभागों के कार्यालयाध्यक्ष मौजूद थे।