आठ अप्रैल को नवसंवत्सर के साथ चैत्र नवरात्र प्रारंभ हो रहे हैं। इन नवरात्र को वासंती नवरात्र कहा गया है।
घर-घर देवी भागवत के पाठ बैठाए जाएंगे और कलश स्थापना होगी। घट स्थापन के लिए अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12.06 से दोपहर 1.03 बजे तक रहेगा। चैत्र नवरात्र के नौ दिनों में घर-घर भगवती आराधना की जाती है। पहले नवरात्र को नौ दिन चलने वाले नवान्ह पारायण शुरू होंगे।
अनेक जगह रामचरित मानस कथाएं भी प्रारंभ होंगी। पंचपुरी के मनसा देवी, चंडी देवी, सुरेश्वरी देवी तथा अधिष्ठात्री माया देवी के मंदिरों में अनेक अनुष्ठान होंगे। सुरेश्वरी देवी मंदिर में शत चंडी यज्ञ प्रारंभ हो रहा है।