बद्रीनाथ क्षेत्र में सतोपंथ झील के टूटने की अफवाह से उत्तराखंड में अलकनंदा के किनारे बसे कई शहरों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। खबर फैलते ही नदी किनारे बसे लोगों ने अपने घरों को खाली करना शुरु भी कर दिया था।
गुरुवार दोपहर एक टीवी चैनल में पहले सतोपंथ झील का जलस्तर बढ़ने की खबर आई। इसके तुरंत बाद टीवी चैनल ने झील के टूटने की खबर भी ब्रेक कर दी जिससे नदी किनारे बसे लोग नई मुसीबत में फंस गए।
अफवाह से खाली होने लगे घर
अलकनंदा के किनारे पहले से ही डर के साए में दिन गुजार रहे घबराए हुए लोगों ने आनन-फानन में अपने घरों को खाली करना शुरु कर दिया। अफरा-तफरी के इसी माहौल के बीच अखबारों के दफ्तरों में भी फोन घनघनाने लगे। लोग वास्तविकता जानना चाहते थे और जब मामले की पड़ताल शुरु की गई तो झील टूटने की खबर ही बेबुनियाद निकली।
इस बीच अकेले श्रीनगर शहर में ही शारदा घाट, अलकनंदा विहार, तिवारी मोहल्ला जैसे कई निचले इलाकों के बाशिंदों ने आनन-फानन में अपने घर खाली करना शुरू कर दिया था। बाद में सच्चाई का पता चलने पर लोगों ने राहत की सांस ली।
दरअसल बद्रीनाथ क्षेत्र में हो रही लगातार बारिश के चलते सतोपंथ झील का जलस्तर जरूर बढ़ गया है, लेकिन झील अभी सुरक्षित है।
'ऐसी कोई सूचना हमें नहीं मिली है और न ही जिला प्रशासन की तरफ से कोई हाई अलर्ट जारी किया गया है। फिर भी लोगों को खासतौर पर निचले इलाकों में रहने वालों को सचेत कर दिया गया है।'
रजा अब्बास, एसडीएम श्रीनगर।