पंतनगर में हुई संगोष्ठी में पुस्तक का विमोचन करते अतिथि।
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पंतनगर। विवि में विवेकानंद स्वाध्याय मंडल की ओर से यूनिवर्सिटी सेंटर में दो दिवसीय राष्ट्रीय युवा संगोष्ठी शुरू हुई। इस दौरान युवाओं को समाज के प्रति संवेदनशील होने की जरूरत बताई गई।
बृहस्पतिवार को आयोजित गोष्ठी का शुभारंभ कुलपति डॉ. तेज प्रताप ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। प्रख्यात कोफपाड जुलाहा पद्मश्री गोवर्धन पनिका ने बताया कि चुनौतियों का सामना कर कैसे अनी रोफपाद कला को एक मुकाम तक पहुंचाया जा सका।
अपर आयुक्त उपभोक्ता संरक्षण सुचिस्मिता सेनगुप्ता पांडे ने कहा कि युवाओं को विवेकानंद की तरह समाज के प्रति संवेदनशील होने की जरूरत है। रामकृष्ण मिशन के संत स्वामी ध्रुवारूपानंद ने युवाओं को लक्ष्य प्राप्ति के लिए एकाग्रता व स्वावलंबी बनने का उपदेश दिया। पपाया मैन सुधीर चड्ढा ने कृषि क्षेत्र में सफलता पाने के असीम अवसरों से अवगत कराया।
रिसर्च एंड डेवलपमेंट सेंटर के सूचना प्रौद्योगिकी प्रयोगशाला में कंप्यूटर वैज्ञानिक राजीव अग्रवाल ने विवेकानंद के विचारों व उनके सिद्धांतों से मार्गदर्शन किया। विवेकानंद केंद्र कार्यकर्ता रूपेश माथुर ने सभा को जीवन की एक नई परिभाषा के बारे में बताया। कार्यक्रम में ‘भारत का युवा 2047-स्वतंत्रता के सौ वर्ष पूर्ण होने की परिकल्पना’ विषय पर प्रकाशित पुस्तक का विमोचन भी हुआ।
युवाओं ने सभी गणमान्य जनों के साथ विचार विमर्श किया और उनके उपदेशों को धारण करने का संकल्प लिया। डॉ. शिवेंद्र कश्यप की अध्यक्षता में आयोजित कार्यक्रम में कार्यक्रम समन्वयक आयुष ममगाई व नम्रता गुलाटी ने युवा कार्यक्रम की प्रासंगिकता से अवगत कराया। इस दौरान अतिथियों को शॉल ओढ़ाकर सम्मान किया गया।
वहां पर भारतीय दार्शनिक अनुसंधान परिषद अध्यक्ष डॉ. रमेश चंद्र सिन्हा, प्रोफेसर आईआईटी-बीएचयू डॉ. राजेश द्विवेदी समेत देश भर से आए कई लोग मौजूद रहे।