रुद्रपुर में गेहूं के खेत में भरा बारिश का पानी।
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रुद्रपुर। तराई में मूसलाधार बारिश के बाद खेतों में कीचड़ की समस्या खड़ी हो गई है। कीचड़ में कंबाइन के टायर फंसने से गेहूं की कटाई ठप हो गई है। तीन-चार दिन लगातार धूप खिलने के बाद गेहूं की कटाई संभव है। खेतों में काटकर रखे गए गेहूं की भी थ्रेशर से मढ़ाई शीघ्र संभव नहीं है। तराई में रविवार को हुई मूसलाधार बारिश से सैकड़ों एकड़ खेत में खड़ी गेहूं की फसल आधी डूब गई थी। जिले में अभी करीब 20 प्रतिशत गेहूं की फसल काटी जानी शेष है। सोमवार को गेहूं के खेतों की कीचड़ की समस्या के कंबाइन मशीन से गेहूं की कटाई नहीं हो सकी। रुद्रपुर के भगवान पुर, छतरपुर, फौजी मटकोटा, मलसी, गंगापुर रोड, दानपुर आदि गावों में गेहूं कटाई के लिए पहुंची कंबाइन मशीनों के टायर फंसने से चालक वापस लौट गए। उधर, बारिश के बाद जिले में गेहूं की नमी करीब 15 प्रतिशत पहुंच गई है। जबकि सरकारी क्रय केंद्रों पर गेहूं की नमी का मानक 12 प्रतिशत है। सोमवार को रुद्रपुर गल्ला मंडी स्थित आरएफसी के क्रय केंद्र पर कुछ किसान गेहूं की नमी मापने पहुंचे। गेहूं की नमी 15 प्रतिशत होने के कारण किसानों का गेहूं नहीं खरीदा गया। किसानों ने कहा कि यदि दोबारा बारिश हुई तो गेहूं में कालापन आने से सरकारी क्रय केंद्रों पर खरीद मुश्किल होगी। भारतीय किसान संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष ठाकुर जगदीश सिंह ने कहा कि कृषि विभाग के अधिकारी व कर्मचारी किसानों की समस्या को गंभीरता से नहीं लेते हैं। यही वजह से किसान उपेक्षित हैं। उन्होंने कहा कि गेहूं के नुकसान का सर्वे सिर्फ एक औपचारिकता है। उत्तराखंड उत्तर प्रदेश कंबाइन यूनियन के अध्यक्ष जसबीर सिंह ने कहा कि बारिश के कारण खेतों में कीचड़ होने से कंबाइन मशीन के टायर फंस रहे हैं। खेतों में कीचड़ सूखने तक कंबाइन मशीन से गेहूं की कटाई संभव नहीं है। थ्रेसर से भी गेहूं सूखने के बाद ही मढ़ाई हो सकेगी।