पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने से तराई में शनिवार शाम ओलों के साथ हुई बारिश से गेहूं की फसल को नुकसान हुआ। ओले आम और लीची के बौर के लिए भी नुकसानदायक हैं। जिले में कुल 11.6 एमएम बारिश हुई। मौसम विभाग ने रविवार को जिले में आंशिक बादलों के साथ कुछ स्थानों पर बूंदाबांदी की संभावना व्यक्त की।
लालपुर क्षेत्र में ओले पड़ने से गेहूं की फसल को काफी नुकसान हुआ। लगातार बारिश से गेहूं फसल को नुकसान होने से किसानों ने सरकार से मुआवजे की मांग की है। हालांकि रुद्रपुर क्षेत्र में शाम के समय बूंदाबांदी हुई। पंतनगर कृषि विश्वविद्यालय के मौसम वैज्ञानिक डॉ. आरके सिंह ने कहा कि ओले गेहूं के साथ ही लीची और आम के लिए भी नुकसान दायक है।
खटीमा और सितारगंज में मौसम का मिजाज बिगड़ा
खटीमा/सितारगंज। क्षेत्र में शनिवार दिन में हल्के बादल के साथ धूप के बाद शाम को मौसम का मिजाज बिगड़ गया। तेज गरज के साथ हल्की ओलावृष्टि के साथ कुछ देर बारिश हुई। हल्की ओलावृष्टि ने किसानों की चिंता बढ़ा दी हैं। चकरपुर, बानूसा, झनकट, मेलाघाट, सत्रहमील आदि क्षेत्रों में बारिश हुई। इधर, किसान आयोग उपाध्यक्ष के पत्र का संज्ञान लेते हुए एसडीएम निर्मला बिष्ट ने क्षेत्र में फसल के नुकसान का तीन दिन में आकलन कर रिपोर्ट मांगी है।
इधर, सितारगंज में शनिवार की शाम करीब 6:45 बजे से रात आठ बजे तक मूसलाधार बारिश हुई। इससे जेल कैंप मार्ग के अलावा अन्य कई मोहल्लों में बारिश का पानी सड़क पर बहने लगा। इसके अलावा पिछले सप्ताह भर से रुक-रुककर बारिश के कारण खेतों में खड़ी गेहूं की फसल को नुकसान हो रहा है। फिर बारिश होने के कारण गेहूं की फसल अब नष्ट होने के कगार पर आ गई है। संवाद
बार-बार बारिश और ओलावृष्टि से किसान हुए परेशान
काशीपुर। हाल ही में हुई बारिश से किसान उबरे भी नहीं थे कि एक बार फिर बारिश और ओलावृष्टि से गेहूं की बची फसल भी नष्ट हो गई। अभी तक प्रशासन ने किसानों को क्षतिपूर्ति देने के लिए खराब हो चुकी फसलों का निरीक्षण तक नहीं किया है। उधर, एसडीएम सुंदर सिंह ने बताया खराब हुई फसलों का सर्वे करने के लिए राजस्व विभाग, कृषि और उद्यान विभाग के अधिकारियों की चार टीमें बनाई जा रही है।
एक माह से रुक-रुककर हो रही बारिश से किसानों की मटर, लाही, दलहनी व गेहूं की फसल खराब हो चुकी है। बुधवार-बृहस्पतिवार को भी बारिश के साथ ओले पड़ने से शेष फसल भी खत्म हो गई है। जबकि गेहूं की फसल में बालियां आ गई थी। जिससे फसल गिरकर पानी में सड़ने लगी। किसान के सामने बैंकों व सहकारी समितियों, आढ़तियों का ऋण चुकाने की समस्या खड़ी हो गई है। किसानों के नुकसान की भरपाई करने के साथ-साथ ऋण माफ किया जाए। रवींद्र राणा, प्रदेशाध्यक्ष युवा, भाकियू
बारिश और ओले से पकने को तैयार गेहूं की फसल खराब हो गई है। जिससे खेतों की तरफ जाने का मन ही नहीं हो रहा है। बैंकों और सोसायटियों का ऋण कैसे चुकाएंगे, समझ ही नहीं आ रहा है। खराब फसलों को देखने के लिए अभी तक राजस्व विभाग नहीं आया है। रंजीत सिंह, किसान ग्राम कनकपुर
किसान पूरी तरह बर्बाद हो चुका है। अब समस्या अगली फसल बुआई की है। गेहूं की फसल तो नष्ट हो गई है साथ ही किसान के सपने भी नष्ट हो गए। सरकार की ओर से कोई सहायता मिलनी चाहिए। विकास हुड्डा, ग्राम खोखराताल
बारिश से किसानों की मटर, गेहूं व आलू की फसल खराब हो गई है। लेकिन सरकार किसानों की सुध नहीं ले रही। अभी तक क्षतिपूर्ति देने के लिए देने के लिए राजस्व विभाग ने निरीक्षण तक नहीं किया है। सुरेश शर्मा जंगी, ग्राम सांडखेड़ा
सरकार किसानों की इतनी उपेक्षा करेगी। इसका उम्मीद नहीं थी। बारिश और ओले से गेहूं की तैयार फसल खराब हो गई है। जिससे किसानों के आगे आर्थिक संकट खड़ा हो गया। लवदीप सिंह, ग्राम फसियापुरा।