27 वर्ष बाद हो रही भगवान त्रियुगीनारायण की दिवारा यात्रा को लेकर केदारघाटी के गांवों में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। मंगलवार को भगवान त्रियुगीनारायण की दिवारा तुलंगा गांव पहुंची। यहां ग्रामीणों ने पारंपरिक वाद्ययंत्रों के साथ यात्रा का स्वागत किया। दोपहर बाद गांव पहुंची यात्रा का पंचायत चौक में ग्रामीणों ने भव्य स्वागत किया।
इस मौके पर पंडितों ने विशेष पूजा-अर्चना की। इसके उपरांत डोली को पवित्र थान में विराजमान किया गया। इस मौके पर देवता के दर्शनों के लिए भक्तों की भीड़ उमड़ पड़ी। ग्रामीणों ने दर्शन कर पूजा-अर्चना करते हुए अराध्य को मौसमी फल सहित अन्य वस्तुएं भेंट में अर्पित की। कई ध्याणियों ने अपने परिवार सहित पूजा-अर्चना कर मनौती मांगी। इससे पूर्व सुबह 7 बजे गुप्तकाशी गांव में भगवान की विशेष पूजा-अर्चना की गई।
मणपति परशुराम गैरोला की मौजूदगी में रिद्धि-सिद्धि पूजा के उपरांत दिवारा यात्रा ने सुबह 11 बजे बाजार से डॉ. जैक्सवीन नेशनल स्कूल होते हुए अगले पड़ाव के लिए प्रस्थान किया। इस मौके पर पूरा क्षेत्र भगवान त्रियुगीनारायण के जयकारों से गूंजायमान रहा। पंडित अतुल जमलोकी, आशीष गैरोला आदि ने बताया कि लोग अपने सगे-संबंधियों व ध्याणियों को यात्रा में शामिल होने के लिए निमंत्रण भेज रहे हैं। बीते 2 नवंबर से शुरू हुई 24 दिवसीय दिवारा यात्रा में भगवान त्रियुगीनारायण अभी तक मूल गांव सहित रामपुर, शेरसी सहित 6 गांवों का भ्रमण कर चुके हैं।