जखोली ब्लाक के खलियाण गावं से मुनियाघर गावं को प्रस्थान करती भगवान वासुदेव की दिवारा यात्रा।
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खलियाण में 45 दिनों के लंबे प्रवास के बाद शनिवार को भगवान वासुदेव की डोली मुनियाघर पहुंची। गांव में ग्रामीणों ने डोली का भव्य स्वागत किया। वहीं, भगवान को विदा करने के लिए खलियाण से भारी संख्या में ग्रामीण व ध्याणियां गांव की सीमा तक पहुंची।
21 वर्ष बाद 24 अप्रैल से शुरू हुई भगवान वासुदेव इन दिनों दिवारा यात्रा पर है। ढाई सौ परिवारों की कुशलक्षेम जानने और भक्तों के कष्टों का निवारण बताने के बाद भगवान की दिवारा दोपहर एक बजे वैदिक मंत्रोच्चार, पूजा-अर्चना और देवनृत्य के साथ गांव से विदा हुई।
भगवान वासुदेव मुनियाघर में 12 दिन तक रहेंगे। इस दौरान गांव के पांच परिवार प्रतिदिन भगवान की पूजा अर्चना कर उन्हें भोग लगाएंगे। देव डोली गांव के घर-घर जाकर लोगों को अपना आशीष देगी।
वासुदेव मंदिर समिति के संरक्षक कुलेंद्र राणा ने बताया कि 21 वर्ष बाद हो रहे इस धार्मिक अनुष्ठान को लेकर ग्रामीणों में उत्साह बना हुआ है। इन दिनों गांवों में ध्याणियों के साथ प्रवासी ग्रामीण भी भारी संख्या में पहुंच रहे हैं। मुनियाघर गांव में दिवारा के स्वागत में संपूर्णानंद सेमवाल, महादेव प्रसाद सेमवाल, रघुवीर सिंह राणा, अंगद प्रसाद पंत, मातबर सिंह राणा आदि मौजूद थे।