गुप्तकाशी में हेलीपैड ड्यूटी में लापरवाही बरतने पर दो पुलिस कर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। मामले में जांच पुलिस उपाधीक्षक श्रीधर प्रसाद बडोला को सौंप दी गई है।
विधानसभा चुनाव प्रचार अभियान के तहत शनिवार को केदारघाटी के गुप्तकाशी में केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री हरीश रावत की चुनावी जनसभाएं अलग स्थानों पर आयोजित होनी थी। पुलिस प्रशासन द्वारा मुख्यमंत्री के हेलीकाप्टर की लैंडिंग के लिए आर्यन कंपनी का हेलीपैड और केंद्रीय मंत्री के हेलीकाप्टर की लैंडिंग को डेक्कन कंपनी का हेलीपैड आरक्षित किया गया था। दोनों नेताओं की सभाएं 11 बजे के आसपास ही होनी थी।
केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी का हेलीकाप्टर निर्धारित समय पर क्षेत्र में पहुंचा तो आर्यन हेलीपैड पर तैनात मुख्य आरक्षी प्रदीप कुमार और आरक्षी सशस्त्र पुलिस पुष्कर सिंह द्वारा स्मोक कैंडल जला दी गई, जिस पर हेलीकाप्टर वहीं हेलीपैड पर उतर गया। तभी पुलिस अधिकारियों को इसकी जानकारी हुई तो आनन-फानन की स्थिति में हेलीकाप्टर को तत्काल डेक्कन हेलीपैड पर लैंडिंग के लिए रवाना कर दिया गया। इस बीच कुछ ही क्षणों में सीएम का हेलीकाप्टर भी वहां पहुंच गया था।
मामले में लापरवाही बरतने पर पुलिस अधीक्षक पीएन मीणा ने दोनों कार्मिकों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। एसपी ने बताया कि ड्यूटी पर तैनात कर्मियों को पूरी जानकारी दी गई थी, इसके बावजूद लापरवाही की गई है। कहा कि अगर, दोनों हेलीकाप्टर एक साथ पहुंचते या टेकऑफ/लैंडिग होती तो दिक्कतें हो सकती थी।