रविवार को चंद्रापुरी में मंदाकिनी नदी पर लगी ट्राली आठ घंटे तक रही खराब। बच्चों को पीठ पर लिए ट्राली ठीक होने का इंतजार करते ग्रामीण।
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चंद्रापुरी में मंदाकिनी नदी पर लगी ट्राली खराब होने से ग्रामीण आठ घंटे तक परेशान रहे। नदी के दूसरी तरफ बसे गांवों के लोग घरों को जाने के लिए भूखे-प्यासे ट्राली ठीक होने का इंतजार करते रहे। सूचना पर भी लोनिवि का कोई कर्मचारी मौके पर नहीं पहुंचा। शाम सवा सात बजे ग्रामीणों ने जैसे-तैसे ट्राली ठीक कर नदी पार की।
चंद्रापुरी में लगी ट्राली रविवार पूर्वाह्न साढ़े ग्यारह बजे खराब हो गई थी। इस दौरान जहां नैली, अरखुंड, चंद्रापुरी सहित क्षेत्र के तीन दर्जन से अधिक गांवों के लोग बाजार नहीं आ सके। वहीं, चंद्रापुरी बाजार से घर जाने वाले कई ग्रामीण ट्राली ठीक होने का इंतजार करते रहे। व्यापार संघ द्वारा लोनिवि और प्रशासन को दोपहर 12 बजे समस्या से अवगत कराया गया। इस दौरान सवा एक बजे नायब तहसीलदार वाईएस रावत मौके पर पहुंचे। उन्होंने भी संबंधित अधिकारियों को स्थिति के बारे में बताया।
बावजूद शाम सवा सात बजे तक भी विभागीय अधिकारी/कर्मचारियों ने मौके पर आने की जहमत नहीं उठाई। विश्वनाथ सिंह, विश्वमित्र भट्ट आदि का कहना है कि पिछले माह हुए हादसे के बाद भी लोनिवि की नींद नहीं टूटी है। ग्रामीण आठ घंटे तक ट्राली ठीक होने के इंतजार में धूप बैठे रहे। रात साढ़े आठ बजे के बाद भी टार्च के उजाले में ग्रामीण ट्राली से नदी पार करते रहे। ब्यूरो