त्रियुगीनारायण-केदारनाथ ट्रैक पर नर कंकालों की वास्तविकता जानने के लिए पुलिस और एसडीआरएफ का छह सदस्यीय दल केदारनाथ से क्षेत्र के लिए रवाना हो गया है। इधर, त्रियुगीनारायण से भी ग्रामीणों का 15 सदस्यीय दल ट्रैक पर ट्रैकिंग के लिए निकला है। वहीं, शनिवार को आईजी संजय गुंज्याल और रुद्रप्रयाग पुलिस अधीक्षक पीएन मीणा के नेतृत्व में टीम स्थिति का पता लगाने के लिए रवाना होगी।
शुक्रवार को सुबह आठ बजे केदारनाथ से पुलिस और एसडीआरएफ के तीन-तीन जवान गरूड़चट्टी के रास्ते त्रियुगीनारायण वाले क्षेत्र के लिए रवाना हुए, लेकिन देर शाम तक दल मौके पर नहीं पहुंच पाया था। इधर, त्रियुगीनारायण से महेशी प्रसाद घिल्ड़ियाल के नेतृत्व में 15 सदस्य ट्रैकिंग दल भी त्रियुगीनारायण से केदारनाथ के लिए रवाना हुआ। घिल्ड़ियाल ने बताया माटा (माउंटेनियस एंड ट्रैकर्स एसोसिएशन उत्तराखंड) की ओर से ट्रैक को दुर्गम बताने के साथ ही कहा गया था कि इस पर कहीं भी पानी है। इसलिए वे माटा की बातों का खंडन करने के लिए यह ट्रेकिंग कर रहे हैं। कहा कि पूर्व में भी वे कई बार इस रुट से केदारनाथ गए हैं।
इस पूरे रास्ते पर तीन-चार स्थानों पर पानी है। ट्रेक जरूर दुर्गम है। लेकिन इस पर आवाजाही हो सकती है। दूसरी तरफ पुलिस अधीक्षक पीएन मीणा ने बताया कि आईजी के साथ वे शनिवार को लिनचोली के लिए रवाना होंगे। वहां से गरुड़चट्टी के रास्ते नर कंकाल वाले क्षेत्र में जाया जाएगा। वहां पहुंचकर ही स्थिति का सही पता लग सकेगा। जितने भी नर कंकाल होंगे, उनका डीएनए सैंपल लेकर मौके पर दाह संस्कार किया जाएगा।
विदित हो कि बीते बृहस्पतिवार को माटा के अध्यक्ष मनोज रावत ने देहरादून में सीएम से भेंट कर उन्हें त्रियुगीनारायण-केदारनाथ ट्रेक पर नर कंकालों के होने की बात बताई थी। इस पर, सीएम ने पुलिस और एसडीआरएफ को स्थिति का पता लगाने के लिए क्षेत्र में दल रवाना करने को कहा था।