मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत ने सरकारी धनराशि के गबन के आरोप में एक डाक कर्मी को तीन साल के कठोर कारावास और पांच हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड न देने पर आरोपी को एक माह का साधारण कारावास अतिरिक्त भुगतना पड़ेगा।
आरोप है कि शाखा डाकपाल क्यूड़ी खडपत्या के पद पर रहते हुए सुंदरलाल ने डाकघर में संचालित विभिन्न खातों में जमा धनराशि को अपने निहित कार्यों में प्रयोग किया। शिकायत मिलने पर कार्यालय अधीक्षक डाकघर ब्लाक गोपेश्वर की ओर से जांच के लिए उच्च स्तरीय कमेटी गठित की गई थी।
जांच में 2,82,112 रुपये के गबन की पुष्टि हुई। इसके बाद आरोपी के खिलाफ पटवारी चौकी घिमतोली में मुकदमा दर्ज किया गया। मामले में दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट मुकेश चंद्र आर्य ने आरोपी सुंदरलाल को दोषी मानते हुए तीन वर्ष की सजा और पांच हजार रुपये अर्थदंड लगाया। सरकार की ओर से मामले की पैरवी सहायक अभियोजन अधिकारी विपुल पांडे और सुरेंद्र सिंह नेगी ने की। ब्यूरो