बाबा केदार की यात्रा को लेकर इस बार बड़ी संख्या में यात्री बच्चों के साथ पहुंच रहे हैं। अब तक 29 सौ से अधिक बच्चे धाम पहुंचकर बाबा केदार के दर्शन कर चुके हैं। इनमें अधिकांश पैदल रास्ते से धाम पहुंचे। 9 मई को कपाट खुलने के दिन 7068 श्रद्धालुओं ने धाम पहुंचकर बाबा केदार के दर्शन किए थे।
इनमें 81 बच्चे भी शामिल थे। यात्रा के आगे बढ़ने के साथ ही बाल यात्रियों की संख्या भी बढ़ रही है। अब स्कूलों की छुट्टी होने पर बाल यात्रियों की संख्या बढ़ने के कयास लगाए जा रहे हैं। श्रीबदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति की मानेें तो पांच वर्षों में यह पहला मौका है, जब कपाट खुलने के बाद 19 दिन में केदारनाथ में दर्शन करने वालों में तीन हजार बच्चे भी शामिल हैं।
महाराष्ट्र से अपने माता-पिता के साथ बाबा केदार के दर्शनों को पहुंची छह वर्षीय स्वाति, गुजरात से आई नौ वर्षीय टीना और आंध्र प्रदेश के तेलंगाना से परिजनों के साथ आए 12 वर्षीय गोल्डी ने गौरीकुंड से पैदल केदारनाथ पहुंचकर बाबा केदार के दर्शन किए। दूसरी तरफ तृतीय केदार तुंगनाथ धाम में 11 मई को कपाट खुलने के बाद से तीन सौ बच्चे और द्वितीय केदार मद्महेश्वर धाम में 20 मई के बाद से 40 बच्चे दर्शन कर चुके हैं।
केदारनाथ यात्रा इस वर्ष पुराने स्वरूप में लौट आई है। 18 दिन में एक लाख यात्री धाम पहुंचे हैं। सबसे खास बात यह है कि इस वर्ष बच्चों की संख्या भी अच्छी खासी है। पांच वर्षों में यह पहला मौका है, जब यात्रा के 19 दिनों में इतनी संख्या में बच्चे धाम पहुंचे हैं।
- डा. हरीश गौड़, मीडिया प्रभारी बीकेटीसी श्रीनगर
8921 शिवभक्तों ने किए बाबा के दर्शन
शुक्रवार को केदारनाथ धाम में 8921 श्रद्धालुओं ने दर्शन किए। सुबह छह बजे से सोनप्रयाग से केदारनाथ के लिए यात्रियों ने प्रस्थान शुरू कर दिया था। धाम में दिनभर दर्शनों के लिए लंबी लाइन लगी रही। इस दौरान 4502 पुरुष, 4088 महिलाएं और 301 बच्चों सहित 40 विदेशी शिव भक्तों ने बाबा केदार के दर्शन किए।
कपाट खुलने के बाद से धाम में दर्शन करने वालों की संख्या 1 लाख 19 हजार 288 पहुंच गई है। दूसरी तरफ केदारनाथ में दोपहर बाद हल्के बादल छाने लगे थे। इससे पूर्व सुबह से केदारनाथ में मौसम साफ रहा और चटक धूप खिली रही। पड़ावों पर भी मौसम सुहावना रहा।