जलसंस्थान की ओर से हजारों के बिल सौंपे जाने से उपभोक्ता आहत हैं। उनका कहना है कि प्रदेश सरकार ने आपदा के बाद तीन वर्ष तक बिजली, पानी के बिल माफ किए थे।
बावजूद इसके होटल/रेस्टोरेंट का संचालन बंद होने के बावजूद भारी भरकम बिल थोपे जा रहे हैं।
स्थानीय निवासी मधुसूधन एवं माधव कर्नाटकी का कहना है कि आपदा के बाद से उनके होटल व रेस्टोरेंट बंद हैं।
सरकार ने जुलाई-अगस्त 2013 में आपदा प्रभावित व्यावसायियों व आम उपभोक्ताओं के बिजली- पानी के बिल तीन वर्ष के लिए माफ करने की बात कही थी, लेकिन ऐसा नहीं हो रहा है।
उपभोक्ताओं को पानी के 10 से 16 हजार तक के बिल सौंपे गए हैं। इधर, जलसंस्थान के कनिष्ठ अभियंता डीएस भंडारी ने बताया कि आपदा के दौरान हो सकता है कि तीन वर्ष के बिल माफी की बात हुई हो, लेकिन शासन से विभाग को मार्च 2015 तक ही प्रभावितों के बिल माफी का शासनादेश है। यही वजह है कि बिल भेजे जा रहे हैं।