पंचकेदार गद्दीस्थल ओंकारेश्वर मंदिर ऊखीमठ में भगवान केदारनाथ के क्षेत्रपाल के रूप में पूजनीय आराध्य भगवान भैरवनाथ की आज विशेष पूजा-अर्चना की जाएगी। इसके साथ ही 17 मई को केदारनाथ में कपाटोद्घाटन की प्रक्रिया भी शुरू हो जाएगी, जिसके लिए देवस्थानम बोर्ड ने सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं।
बाबा केदार की चल विग्रह डोली के अपने धाम के लिए प्रस्थान करने से पूर्व ओंकारेश्वर मंदिर में भगवान भैरवनाथ की विशेष पूजा की परंपरा है। बृहस्पतिवार को मुख्य पुजारी बागेश लिंग की ओर से भगवान भैरवनाथ का दूध, दही, घी, चीनी व शहद से महाभिषेक पूजन किया जाएगा। कोरोना संक्रमण से सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए भगवान भैरवनाथ की पूजा-अर्चना में सिर्फ पुजारी और वेदपाठी ही शामिल होंगे। प्राचीन मान्यताओं के अनुसार भगवान भैरवनाथ को केदारनाथ का अगवानी वीर कहा जाता है। ये क्षेत्रपाल के रूप में केदारपुरी क्षेत्र की सुरक्षा करते हैं। इसलिए, डोली के धाम प्रस्थान से पूर्व भगवान भैरवनाथ की पूजा होती है।