चंद्रापुरी में मंदाकिनी नदी पर लगी ट्राली का एक तार टूटने से एक बालक समेत दो लोग डेढ़ घंटे तक नदी के ऊपर झूलते रहे। सूचना मिलने पर ऊखीमठ एसडीएम, तहसीलदार और अगस्त्यमुनि पुलिस दल मौके पर पहुंचा और कड़ी मशक्कत करने के बाद सुबह नौ बजे दोनों को सकुशल दूसरे छोर पर लाया गया।
शनिवार सुबह साढ़े सात बजे चंद्रापुरी गांव के प्रियांशु (10) पुत्र वीरेंद्र लाल और दीपक पंवार (27) पुत्र बृजमोहन सिंह चंद्रापुरी बाजार आने के लिए ट्राली में बैठे, लेकिन ट्राली एक तार टूट गया, जिससे पूरी ट्राली एक तार पर लटक गई। इससे ट्राली पर बैठे प्रियांशु और दीपक भी मंदाकिनी नदी के ऊपर झूलने लगे।
इधर घटना की सूचना पर ग्रामीण मौके पर पहुंचे। कई प्रयासों के बाद भी सफलता नहीं मिलने पर बाद में लोनिवि ऊखीमठ डिवीजन के तकनीकी कर्मचारियों को मौके पर बुलाया गया। उन्होंने ट्राली का तार जोड़ा और दोनों को करीब डेढ़ घंटे बाद सुरक्षित निकाला। इस दौरान ऊखीमठ के उप जिलाधिकारी उत्तम सिंह चौहान, तहसीलदार अबरार अहमद भी मौके पर पहुंचे। मौके पर पहुंचे उप जिलाधिकारी ने संबंधित विभागीय अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाते हुए इस वर्ष के 31 दिसंबर तक पुल निर्माण पूर्ण करने के निर्देश दिए।
इस मौके पर व्यापार संघ अध्यक्ष विश्वनाथ सिंह, विश्वामित्र भट्ट समेत अन्य ग्रामीण मौजूद थे। ट्राली के तार टूटने या फिर खराब होने से घंटों नदी के ऊपर लोगों के झूलने की यह पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी छह सितंबर को इसी ट्राली से एक तीन वर्षीय बच्ची गिर कर बह गई थी, जिसका आजतक पता नहीं चल पाया है।
वहीं अगस्त्यमुनि के विजयनगर में 17 सितंबर को चार छात्र और चार शिक्षिकाओं की जान भी घंटों नदी के ऊपर झूलती रही। यही नहीं 27 जुलाई को नैली गांव का एक युवक ट्राली से गिरकर मंदाकिनी नदी में बह गया था, जिसका आज तक पता नहीं चल पाया है। इसके अलावा भी ट्राली से कई घटनाएं हो चुकी हैं, लेकिन शासन-प्रशासन इस ओर ध्यान नहीं दे रहा है।