स्थानीय लोगों का कहना है कि इस संबंध में लोनिवि को अवगत कराने के बाद भी पुल की मरम्मत नहीं की जा रही है।
कोठगी झूला पुल बदरीनाथ हाईवे से कोठगी, मदोला, भटवाड़ी, छिनका समेत आधा दर्जन से अधिक गांवों को जोड़ता है। इसी पुल से घोलतीर व शिवानंदी से छात्र-छात्राएं जीआईसी कोठगी आते हैं।
स्थानीय ग्रामीण पंकज नेगी, संतोष सिंह, नीरज सिंह, पूनम देवी ने बताया कि पुल से आवाजाही करने में भी डर लगने लगा है। उन्होंने कहा कि शीघ्र पुल की मरम्मत नहीं की जाती है तो कभी भी कोई हादसा घटित हो सकता है।
इधर, लोनिवि रुद्रप्रयाग के ईई इंद्रजीत बोस ने बताया कि कोठगी झूला पुल अब लोनिवि (वर्ल्ड बैंक वित्त पोषित) डिवीजन के पास हस्तांतरित हो गया है। इसकी मरम्मत उन्हें ही करनी है। उन्होंने कहा कि यदि पुल में माइनर मेंटिनेंस करना होगा तो जल्द करवाया जाएगा।