द्वितीय केदार भगवान मद्महेश्वर एवं चतुर्थ केदार भगवान रुद्रनाथ के कपाट आज बृहस्पतिवार को आम श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोल दिए जाएंगे। दोनों धामों में इसकी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
द्वितीय केदार भगवान मद्महेश्वर के कपाट विधि-विधान और धार्मिक अनुष्ठान के साथ कर्क लग्न में प्रात: 11 बजे खुलेंगे। आराध्य देव की चल उत्सव विग्रह डोली रांसी गांव से छह किमी का पैदल रास्ता तय करते हुए बुधवार दोपहर एक बजे अपने अंतिम पड़ाव गौंडार गांव पहुंची, जहां हक-हकूकधारी ग्रामीणों ने डोली का भव्य स्वागत किया।
इससे पूर्व प्रात: 6.30 बजे रांसी गांव के राकेश्वरी मंदिर में पुजारी राजशेखर लिंग ने भगवान मद्महेश्वर का विशेष-पूजा अर्चना के साथ अभिषेक किया। इसके बाद धार्मिक परंपराओं के तहत चल विग्रह डोली ने राकेश्वरी मंदिर की परिक्रमा कर धाम के लिए प्रस्थान किया। महिलाओं ने जागर, गीत व मांगल के साथ अपने आराध्य को विदा किया। इस मौके पर समिति सदस्य शिव सिंह रावत, पूर्व प्रधान राकेश नेगी, रूप सिंह, आलम सिंह, कुंती देवी, जीवंती देवी आदि मौजूद थे।
चतुर्थ केदार भगवान रुद्रनाथ के कपाट सुबह सात बजे वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे। रुद्रनाथ की उत्सव डोली बुधवार देर शाम रुद्रनाथ मंदिर में पहुंच गई है। डोली के साथ कई श्रद्धालु भी रुद्रनाथ पहुंच गए हैं। गोपेश्वर के स्थानीय लोगों द्वारा तीर्थयात्रियों के लिए रुद्रनाथ के 18 किमी के पैदल ट्रैक पर दो स्थानों पर भंडारे का आयोजन भी किया गया है।