अगस्त्यमुनि ब्लाक के आठ गांवों को जोड़ने वाले बष्टी-हाट मोटर मार्ग के निर्माण के एक दशक बाद भी कई काश्तकारों को भूमि कटान और दबान का मुआवजा नहीं मिल पाया है।
जनप्रतिनिधियों से विभाग से शीघ्र मुआवजे वितरण नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है। वर्ष 2006-07 में प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत, बष्टी, वीरो, पाली, डालसिंगी, अरखुंड, नैली, कुंड और हाट गांव की करीब दो हजार आबादी के लिए 18 कमी बष्टी-हाट मोटर मार्ग का निर्माण किया गया।
लेकिन आज तक कुंड, हाट और नैली के काश्तकारों को मार्ग निर्माण के दौरान उनकी भूमि कटान व दबान का एक रुपया भी मुआवजा नहीं मिला है।
ग्रामीण रामचंद्र गोस्वामी, बलवीर पंवार, गोपाल सिंह, रमेश बिष्ट, विश्वमित्र भट्ट आदि ने बताया कि विभाग को मौखिक व लिखित में मुआवजे के बारे में कहा गया है।
जनप्रतिनिधियों के माध्यम से बीडीसी व तहसील दिवस में भी कई बार मुद्दा उठ चुका है। बावजूद इसके अभी तक मुआवजे को लेकर कोई कार्रवाई नहीं हो पाई है।
दूसरी तरफ मार्ग पर हो रहे डामरीकरण कार्य को लेकर भी ग्रामीणों ने नाराजगी जताई है। कहना है कि कार्यदायी संस्था द्वारा बिना निकास नाली निर्माण और मिट्टी को साफ किए डामरीकरण हो रहा है। एक सप्ताह पूर्व बिछा डामर कई स्थानों पर उखड़ रहा है।
जून 2013 की आपदा में मार्ग पर किमी 15 से 17 के बीच भूस्खलन से काफी क्षति पहुंची थी। इस कारण कुछ स्थानों पर नई कटिंग भी करनी पड़ी। ऐसे में अमीन से सर्वे कराकर छूटे परिवारों के लिए मुआवजे का प्रस्ताव शसन को भेजा गया है। धन प्राप्त होते ही वितरित कर दिया जाएगा।
-- पंकज बिष्ट, जेई पीएमजीएसवाई रुद्रप्रयाग