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चीड़ के पेरूल ने बढ़ाई वन विभाग की मुश्किलें

Wed, 13 Apr 2016 06:42 PM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, रुद्रप्रयाग
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जनपद में फायर सीजन के दो माह में 12.5 हेक्टेयर वन क्षेत्र आग की भेंट चढ़ चुका है। रुद्रप्रयाग वन प्रभाग के अधीन पांचों रेंज में वनाग्नि से लाखों की वन संपदा राख हो चुकी है।
जनपद में 59867.27 हेक्टेयर आरक्षित वन क्षेत्र रुद्रप्रयाग, खांकरा, दक्षिणी व पश्चिमी जखोली और अगस्त्यमुनि रेंज में बंटा हुआ है। इन सभी रेंजों में चीड़ की अधिकता 15 से 55 फीसदी होने से वनाग्नि का प्रमुख कारण बन रही है। मौसम की बेरुखी से नवंबर माह से वनाग्नि की घटनाएं लगातार हो रही है। स्थिति यह है कि फायर सीजन से पहले ही 15 हेक्टेयर जंगल जलकर राख हो चुके हैं, जिसमें मद्महेश्वर और तुंगनाथ घाटी के जंगल भी शामिल हैं। इधर, 15 फरवरी से शुरू फायर सीजन में 13 अप्रैल तक साढ़े 12 हेक्टेयर जंगल वनाग्नि से राख हो चुके हैं। 10 दिन से जिले में अधिकांश क्षेत्रों के जंगल आग से जूझ रहे हैं। हालात इस कदर हैं कि संसाधनों के अभाव में वन कर्मियों को जंगलों में चारापत्ती की टहनियों के सहारे आग बुझानी पड़ रही है।
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आबादी तक पहुंची आग
रुद्रप्रयाग। मंगलवार रात से नगर से लगे तूना-बौंठा मार्ग पर भी चीड़ का जंगल धू-धूकर जल रहा है। अमसारी के निकट आग आवासीय घरों के समीप पहुंच गई थी। बुधवार को अग्निशमन वाहन की मदद से आग पर काबू पाया जा सका। वनाग्नि के कारण सुबह से रुद्रप्रयाग नगर क्षेत्र में वातावरण में गहरा धुआं छाने से तपन बढ़ रही है।

जिले में स्थापित 27 क्रू स्टेशन
रुद्रप्रयाग। वन विभाग ने वनाग्नि की घटनाओं को रोकने के लिए जिले में 27 क्रू-स्टेशन स्थापित किए गए हैं। जिले में केदारनाथ वन प्रभाग नेा भी आठ क्रू्-स्टेशन बने हैं। अलग-अलग स्थानों पर 62 फायर वाचर भी तैनात किए गए हैं।

छुट्टियां की गई स्थगित
रुद्रप्रयाग। फायर सीजन में वनाग्नि की घटनाओं को देखते हुए रुद्रप्रयाग वन प्रभाग ने फील्ड व कार्यालय से जुड़े सभी अधिकारी/कर्मचारियों की छुट्टियां स्थगित कर दी है। एसीएफ व अन्य अधिकारियों को गश्त करने के निर्देश दिए गए हैं।

दो किशोरियों की हो चुकी मौत
रुद्रप्रयाग। फायर सीजन से पहले रुद्रप्रयाग वन प्रभाग के धनपुर पट्टी के पाबौ गांव की तीन युवतियां पांच फरवरी को जंगल में लगी आग से झुलस गई थी। उपचार के दौरान एक युवती की मौत नौ फरवरी व दूसरी की 28 फरवरी को देहरादून में अलग-अलग अस्पतालों में हो गई थी।
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विभागीय कर्मियों के साथ लगातार गश्त की जा रही है। सड़क व रास्ते वाले क्षेत्रों में बर्न कंट्रोल कर नियंत्रण के प्रयास हो रहे हैं। मैं स्वयं भी फील्ड में गश्त कर रहा हूं। - राजीव धीमान, डीएफओ रुद्रप्रयाग वन प्रभाग
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