राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण (एनजीटी) के आदेश पर स्थानीय प्रशासन ने यहां स्थित मोनाल होटल को सील करने के बाद रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंप दी है। शनिवार देर रात तक चली कार्रवाई में मोनाल होटल/रिसार्ट के सभी कमरों को लॉक कर सील कर दिया गया था। बिजली और पानी का कनेक्शन भी काट दिया गया है। ऊर्जा निगम और जलसंस्थान के अधिकारियों का कहना है कि होटल पर कोई बकाया नहीं है। अन्य सुविधाएं भी बंद कर दी गई हैं।
एसडीएम सदर मुक्ता मिश्रा ने बताया कि निर्देशों के तहत देर रात तक कार्रवाई को पूरा किया गया।
यहां बता दें कि एनजीटी ने 26 अप्रैल को एमसी मेहता बनाम यूनियन आफ इंडिया मामले में फैसला सुनाते हुए प्रदेश के नौ होटलों को बंद करने के आदेश जारी किए थे। इसमें रुद्रप्रयाग का मोनाल होटल भी शामिल है। बताया जा रहा है कि इस होटल को अलकनंदा में उडे़ली जा रही गंदगी को लेकर को नोटिस जारी किया गया है।
यहां भी नदी में उडेली जा रही गदंगी
रुद्रप्रयाग। केदारनाथ से लेकर गौरीकुंड, सोनप्रयाग, तिलवाड़ा, अगस्त्यमुनि कस्बों में भी होटल/लॉज व कई आवासीय घरों की गंदगी नदी में उडे़ली जा रही है। स्थिति इस कदर दयनीय है कि बारिश शुरू होते ही कई लोगों द्वारा सीवरेज पिट पुनाड़ गदेरे में खोल दिए जाते हैं। बावजूद नगर पालिका रुद्रप्रयाग, अगस्त्यमुनि और ऊखीमठ कूड़ा व गंदगी निस्तारण के लिए ठोस पहल नहीं कर पाए हैं।