एसएसबी प्रशिक्षित स्वयं सेवक संगठन ने 14 दिसंबर को दिल्ली में पुलिस द्वारा किए गए लाठीचार्ज की निंदा करते हुए दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। घटना के प्रति रोष जताते हुए गुरिल्लाओं ने केंद्र सरकार व पुलिस का पुतला फूंका। इस मौके जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति को ज्ञापन भी भेजा गया।
मंगलवार को प्रदेश सचिव आनंद सिंह नेगी, गढ़वाल प्रभारी लक्ष्मण सिंह रावत व जिलाध्यक्ष सुनीत चौधरी के नेतृत्व में स्वयं सेवक कल्याण समिति के कार्यकर्ताओं ने धरना दिया। आयोजित सभा में वक्ताओं ने कहा कि स्वयं सेवक अपनी जायज मांगों के लिए आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन सरकारें उनका दमन करने का प्रयास कर रही हैं।
कहा कि पिछले कई वर्षों से रोजगार, पेंशन व अन्य मांगों को लेकर सिर्फ राज्य व केंद्र सिर्फ झूठे आश्वासन दे रहा है। 14 दिसंबर को देशभर से एकत्रित हुए एसएसबी प्रशिक्षित स्वयं सेवक जंतर-मंतर नई दिल्ली में तीन सूत्री मांगों को लेकर धरना दे रहे थे, लेकिन पुलिस ने अकारण उन पर लाठीचार्ज की। इस घटना में एक स्वयं सेवक की मौत हो गई और सैकड़ों स्वयं सेवक घायल हो गए।
पुलिस ने 26 लोगों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। उन्होंने मृत सेवक के परिजनों को 10 लाख रुपये मुआवजा दिए जाने की मांग भी की है। धरना व पुतला दहन में प्रेम प्रकाश जुगराण, दाताराम भट्ट, महावीर प्रसाद, वचन सिंह, शांति लाल, शिव लाल, प्रमोद चौधरी, विजेंद्र सेमवाल सहित कई प्रशिक्षित स्वयं सेवक मौजूद थे।