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बीस मई को खुलेंगे मद्महेश्वर के कपाट

Wed, 13 Apr 2016 05:52 PM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला ब्यूरो, ऊखीमठ
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पंचकेदारों में स्थित द्वितीय केदार भगवान मद्महेश्वर के कपाट 20 मई और तृतीय केदार भगवान तुंगनाथ के कपाट 11 मई को श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे। छह माह तक श्रद्धालु अपने आराध्य की पूजा-अर्चना यहीं करेंगे।
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वैशाखी पर्व पर पंचकेदार गद्दी स्थल ओंकारेश्वर मंदिर ऊखीमठ में आचार्य यशोधर मैठाणी एवं विश्वमोहन जमलोकी ने पंचांग गणना के आधार पर द्वितीय केदार के कपाट खुलने की तिथि तय की है। इस मौके पर मद्महेश्वर धाम के मुख्य पुजारी टी-गंगाधर लिंग और राजशेखर लिंग ने भगवान का अभिषेक किया।


पंचांग के आधार पर 16 मई को भगवान मद्महेश्वर की भोग मूर्ति को गर्भगृह से सभामंडप में विराजमान किया जाएगा। 17 मई को भोग मूर्ति को पंचगाई (पांच गांव) के ग्रामीण नए अनाज का भोग (छावड़ी) लगाएंगे। इसके बाद 18 मई को प्रात: 6.30 बजे भगवान की चल उत्सव विग्रह डोली कैलाश धाम के लिए प्रस्थान करेगी और  रात्रि विश्राम के लिए पहले पड़ाव रांसी गांव पहुंचेगी। 19 मई को डोली गौंडार गांव में रात्रि विश्राम करेगी। 20 मई को प्रात: 7 बजे गौंडार से प्रस्थान कर डोली 10.30 मद्महेश्वर पहुंचेगी।11 बजे विधि-विधान से मंदिर के कपाट खोल दिए जाएंगे।
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दूसरी तरफ मार्केंडेय मंदिर मक्कूमठ में आचार्य विजय भारत मैठाणी और नवीन मैठाणी ने भगवान तुंगनाथ के कपाट खुलने की तिथि पचांग के आधार पर 11 मई तय की। भगवान की चल विग्रह डोली 9 मई को मक्कूमठ मंदिर के गर्भगृह से भूतनाथ मंदिर  में विरामजान होगी। 10 मई को चोपता पहुंचेेगी। 11 मई को चोपता से प्रात: 7 बजे धाम के लिए प्रस्थान कर 10 बजे वहां पहुंचेगी। धार्मिक अनुष्ठान के साथ तृतीय केदार के कपाट श्रद्धालुओं के लिए कपाट खोल दिए जाएंगे। इस मौके पर मंदिर समिति के कार्याधिकारी अनिल शर्मा, कार्यालय अधीक्षक राजकुमार नौटियाल, बचन सिंह रावत, रमेश तिवारी, कर्मचारी संघ उपाध्यक्ष देवी प्रसाद तिवारी, पुष्कर रावत सहित हक-हकूकधारी मौजूद थे।

पुष्परथ पर विराजमान की भोग मूर्ति
ऊखीमठ। पंचगद्दी स्थल ओंकारेश्वर मंदिर ऊखीमठ में भगवान मद्महेश्वर की भोग मूर्ति को बूढ़ा मद्महेश्वर के पुष्परथ पर विराजमान किया गया। मद्महेेश्वर के कपाट खुलने की तिथि घोषित करने से पहले भगवान की मूर्ति को लाया गया। दोपहर दो बजे डोली को रंग-बिरंगे फूलों से सजे रथ पर विराजमान किया गया।
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