जखोली में 4 करोड़ 60 लाख की लागत से पॉलीटेक्निक संस्थान का निर्माण किया जा रहा है और सरकार ने संस्थान को बंद करने का फरमान जारी कर दिया है। इससे जनता व जनप्रतिनिधियों में आक्रोश है। चिरबटिया समेत तीन आईटीआई पहले ही बंद किए जा चुके हैं।।
वर्ष 2008 में जखोली में राजकीय पॉलीटेक्निक संस्थान खोला गया जिसका संचालन रतूड़ा में हुआ। आईटी ट्रेड में 16 छात्र-छात्राएं हैं। वर्ष 2017 में संस्थान के कैंपस के लिए शासन की ओर से 4 करोड़ 60 लाख रुपये स्वीकृत किए। भवन निर्माण के लिए ग्राम पंचायत जखोली के ग्रामीणों ने अपनी सौ नाली भूमि दान में दी। कार्यदायी संस्था विडकुल की ओर से भवन का निर्माण 90 फीसदी किया जा चुका है, लेकिन अब सरकार की ओर से पॉलीटेक्निक संस्थान को बंद करने के फरमान से लोगों में आक्रोश है। पूर्व जिपं अध्यक्ष लक्ष्मी राणा, ललिता प्रसाद भट्ट, कालीचरण रावत, कनिष्ठ प्रमुख कवींद्र सिंधवाल ने कहा कि अगर सरकार ने इसका आदेश वापस नहीं लिया तो जनांदोलन किया जाएगा। इधर, संस्थान से जुड़े अधिकारियों ने कहा कि कुछ भी कहने से इंकार कर दिया। बताया कि उन्हें इस बारे में कोई लिखित आदेश नहीं मिला है।