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बच्छणस्यूं के 60 से अधिक गांवों का पैतृक घाट बदहाल

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बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर सिरोहबगड़ में अलकनंदा नदी किनारे बच्छणस्यूं पट्टी के 60 से अधिक गांवों का पैतृक घाट बदहाल पड़ा है। सड़क से घाट तक जाने का रास्ता भी वर्षों से बंद है।
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ग्राम पंचायत नवासू, बंगोली, निषणी, खांकरा, गहड़, दानकोट, स्यूंणी सहित 60 से अधिक गांवों का सिरोहबगड़ में अलकनंदा नदी किनारे पुश्तैनी घाट है, लेकिन झील के कारण जहां घाट का अधिकांश हिस्सा जलमग्न रहता है। वहीं, बीते पांच वर्ष से पतंजलि की ओर से यहां जड़ी-बूटी उत्पादन के लिए भूमि खरीद के बाद से घाट का पुश्तैनी रास्ता भी बंद है। ऐसे में जब, गांवों से दाह संस्कार के लिए शव लाए जाते हैं, तो लोगों को दो फीट की पगडंडी से घाट तक पहुंचना पड़ता है, जिससे खतरा बना है। ग्राम पंचायत खांकरा के पूर्व प्रधान प्रदीप मलासी, अमर सिंह रावत, भूपति सिंह रौथाण, गजेंद्र सिंह रौथाण, बंटी लाल, पूर्व प्रधान सुरजीत सिंह रौथाण, बीएस रावत, अमर सिंह रावत, गणेश बिष्ट, धीरेंद्र सिंह रौथाण, रमेश सिंह रौथाण, हरेंद्र नेगी का कहना है, कि प्रशासन को कई बार समस्या से अवगत कराया जा चुका है, लेकिन कार्रवाई नहीं हो रही है। उन्होंने जिला व तहसील प्रशासन से पैतृक घाट के पहुंच रास्ते को खुलवाने की मांग की है।
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