जिला अस्पताल रुद्रप्रयाग के पैरामेडिकल स्टाफ के छह कर्मचारियों की संबद्धता खत्म करने के लिए अस्पताल प्रबंधन ने कवायद शुरू कर दी है। ये कर्मचारी लंबे समय से देहरादून व हरिद्वार जिले के अस्पतालों में संबद्ध हैं, जबकि इनका वेतन जिला अस्पताल रुद्रप्रयाग से ही जा रहा है। मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (सीएमएस) ने महानिदेशक चिकित्सा स्वास्थ्य व परिवार कल्याण के साथ ही प्रमुख अधीक्षक जिला चिकित्सालय देहरादून व मुख्य चिकित्सा अधीक्षक हरिद्वार को पत्र भेजा है।
जिला अस्पताल रुद्रप्रयाग से दो सिस्टर, एक उपचारिका, एक फिजियोथेरेेपिस्ट, एक डार्क रूम सहायक और एक फार्मेसिस्ट लंबे समय से देहरादून व हरिद्वार जिले के अलग-अलग अस्पतालों में संबद्ध हैं। ऐसे में इन कर्मियों के अभाव में जहां संबंधित पदों पर नई तैनाती या पद पूर्ति नहीं हो पा रही है। वहीं, कर्मियों का वेतन भी रुद्रप्रयाग से निकल रहा है, जबकि अस्पताल को कर्मियों से कोई लाभ नहीं मिल रहा है। बल्कि छह कर्मचारी कम होने से अन्य पर कामकाज का बोझ बढ़ा है। जिला अस्पताल रुद्रप्रयाग के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डा. राजीव सिंह पाल ने बताया कि संबद्ध कर्मियों के चलते अस्पताल की व्यवस्थाएं प्रभावित हो रही हैं। जिला अस्पताल हरिद्वार व देहरादून के समकक्ष अधिकारियों को पत्र भेजकर संबद्ध 6 कर्मियों को तत्काल मूल स्थान पर तैनाती के लिए रिलीव करने को कहा गया है।