जखोली। उद्यान विभाग की ओर से किसानों को कागजी नींबू के नाम पर जंभीरी के पौधे बांटने के मामले में प्रभावितों को अभी तक मुआवजा नहीं मिल पाईहै। ऊखीमठ के सेनागढ़सारी निवासी किसान मानवेन्द्र नेगी सहित करीब 60 किसानों ने अगस्त 2020 में कागजी नींबू के पौधे लगाए थे लेकिन चार साल की मेहनत के बाद इनमें जंभीरी का फल आया।
मामले में कृषि मंत्री के निर्देश पर जिलाधिकारी की ओर से कराई गई जांच में गड़बड़ी की पुष्टि हुई थी। किसानों का कहना है कि उन्होंने इन पौधों के कारण दूसरी फसल भी नहीं लगाई जिससे उन्हें नुकसान हुआ है। अब तक कोई मुआवजा या समिति गठित नहीं हुई है। वहीं कृषि एवं उद्यान सलाहकार डॉ. राजेंद्र कुकसाल का कहना है कि विभाग से समाधान न मिलने पर किसान उत्तराखंड पौधशाला अधिनियम के तहत जिला न्यायालय में वाद दायर कर सकते हैं। संवाद