रुद्रपुर। ट्रांजिट कैंप क्षेत्र में स्थित सरकारी जमीन को खुर्दबुर्द करने की भू माफिया के इरादों पर तहसील प्रशासन ने पानी फेर दिया है। अमर उजाला की खबर के बाद हरकत में आई तहसीलदार ने जमीन को सरकारी बताते हुए बोर्ड लगा दिया है। तहसीलदार ने पटवारी को सरकारी जमीन की लगातार मॉनीटरिंग करने के निर्देश दिए हैं।
दरअसल ट्रांजिट कैंप में श्मशान घाट से लगे ग्राम लमरा की सरकारी जमीन पर कॉलोनी काट दी गई थी। 10 रुपये के स्टांप पर प्लाटों की खरीद फरोख्त कर कुछ जगह पर निर्माण कर दिए गए थे। पिछले साल मामला प्रशासन के संज्ञान में आने पर तहसीलदार के निर्देश पर पटवारी ने मौके पर पहुंचकर निर्माण कार्य रुकवा दिया था।
मामले में पटवारी ने आधा दर्जन लोगों के खिलाफ ट्रांजिट कैंप थाने में केस दर्ज कराया था। फिर मामला ठंडा पड़ा तो भू माफिया फिर से जमीन की खरीद फरोख्त में सक्रिय होने लगे थे। खाली पड़ी जमीन पर प्रशासन का बोर्ड नहीं होने की वजह से माफिया लोगों को झांसे में रखकर पट्टे की जमीन बताकर बेचने की फिराक में लगे थे।
बीते तीन अगस्त के अंक में अमर उजाला ने ‘सरकारी जमीन को खुर्दबुर्द करने की फिराक में माफिया’ शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी। सरकारी जमीन की खरीद फरोख्त की कोशिशों पर तहसील प्रशासन ने अब सख्त रुख अपनाया है और 0.1980 हेक्टेयर जमीन को सरकारी घोषित कर बोर्ड भी लगा दिया है।
तहसीलदार डॉ. अमृता शर्मा ने बताया कि ग्राम लमरा में सरकारी जमीन पर चेतावनी बोर्ड लगा दिया गया है। पटवारी को भी समय-समय पर जमीन की मॉनीटरिंग करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि उसमें कब्जा न हो सके।