महिलाओं के लिए बने हैं पांच चेंजिंग रूम
फाेटो-
संवाद न्यूज एजेंसी
रुद्रप्रयाग (फाटा)। गौरीकुंड में आपदा से क्षतिग्रस्त तप्तकुंड का निर्माण कार्य पूरा हो गया है। इससे तीर्थयात्री व श्रद्धालु गर्म पानी से स्नानकर केदारनाथ धाम की ओर प्रस्थान कर रहे हैं। मंदिर नुमा बने इस तप्तकुंड में महिलाओं तथा पुरुषों के लिए अलग-अलग कक्ष बने हैं। महिलाओं के लिए पांच चेंजिंग रूम की व्यवस्था की गई है।
वर्ष 2013 की आपदा में केदारनाथ, रामवाड़ा, गौरीकुंड और सोनप्रयाग आदि स्थानों पर भारी मात्रा में भूस्खलन होने से कई होटल, ढाबे और पौराणिक धरोहरें नष्ट हो गई थीं और तप्तकुंड क्षतिग्रस्त हो गया था। तब स्थानीय लोगों और डीडीएमए के कर्मचारियों ने इस जलस्रोत की दोबारा खोज की थी और इसे एक साधारण से टीन शेड में रूप में बनाया था। अधिशासी अभियंता राजबिंद सिंह ने बताया कि गर्मकुंड के बाहर बड़ी तीर्थयात्रियों के बैठने के लिए बेंच लगाई गई हैं। डीडीएमए ने 60 लाख की धनराशि खर्च करके इस स्थान पर नया तप्तकुंड बनाया है।