नियमितीकरण और समय पर वेतन सहित अन्य लंबित मांगों को लेकर उपनल कर्मचारी महासंघ ने 13 जून से कार्य बहिष्कार का निर्णय लिया है। महासंघ के जिला संरक्षक आशुतोष पुरोहित की अध्यक्षता में हुई उपनल कर्मियों की बैठक में वक्ताओं ने मुख्यमंत्री पर कोरे आश्वासन देकर छलावा करने का आरोप लगाया।
जिलाध्यक्ष आशीष कप्रवाण का कहना था कि इस वर्ष नौ मार्च को मुख्यमंत्री हरीश रावत ने नियमितीकरण और किसी भी उपनल कर्मी को न हटाने की बात कहते हुए कमेटी गठन का आश्वासन दिया था। बावजूद इसके अब तक कमेटी गठित नहीं है। सीएम ने जिन मांगों पर सहमति जताई थी, उनका भी शासनादेश जारी नहीं हुआ है।
आश्वासन के बाद भी उपनल कर्मियों को हटाया जा रहा है। बैठक में 13 जून से शुरू होने वाले आंदोलन की रूपरेखा पर चर्चा की गई। उपनल कर्मियों का कहना था कि अगर मांगों पर जल्द ठोस कार्रवाई नहीं की गई तो आमरण अनशन को मजबूर होंगे। इस मौके पर हरीश देवराड़ी, बीरेंद्र रावत, महावीर रावत, देवेंद्र खत्री, मुंशी चौमवाल, राकेश रावत, विजेंद्र डिमरी, नागेश्वर बगवाड़ी, हरेंद्र बिष्ट, लक्ष्मण रौथाण, प्रमोद सिंह, कुलदीप आदि मौजूद थे।