केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय की योजना के तहत महर्षि अगस्त्य की नगरी अगस्त्यमुनि को संवारा जाएगा। यहां के विकास के लिए पांच करोड़ 10 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इसकी पहली किश्त के रूप में 20 प्रतिशत धनराशि नगर पंचायत को अवमुक्त भी कर दी गई है।
जिला मुख्यालय से करीब 18 किमी दूर रुद्रप्रयाग-गौरीकुंड राजमार्ग स्थित अगस्त्यमुनि जिले के सबसे महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में उभर रहा है। इस कस्बे को एक मई 2013 को नगर पंचायत का दर्जा दे दिया गया था लेकिन नगर पंचायत बनने के बाद भी कस्बा विकास के लिए छटपटा रहा था।
भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय की ‘प्रसाद डिवीजन डेवलपमेंट ऑफ केदारनाथ’ योजना में चयनित होने से अब यह नगर अपने नये स्वरूप में नजर आएगा। यहां के तीर्थाटन और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, जिससे कई लोग लाभान्वित भी होंगे। योजना की स्वीकृति पर स्थानीय जनता और जनप्रतिनिधियों ने खुशी जताई है।
योजना के तहत होंगे यह निर्माण कार्य
मुख्य बाजार से विजयनगर तक लगने वाले जाम से निजात के लिए पार्किंग का निर्माण
चयनित स्थानों पर व्यूं प्वाइंट बनेंगे
मुख्य मार्ग से अगस्त्य ऋषि मंदिर तक एप्रोच मार्ग
सुविधायुक्त टायलेट/बाथरूम
सोलर एलईडी स्ट्रीट लाइट
टूरिस्ट सूचना केंद्र, सूचना और दिशा सूचक बोर्ड
केंद्र की प्रसाद योजना नगर पंचायत अगस्त्यमुनि की दशा और दिशा बदलने में महत्वपूर्ण साबित होगी। नगर के विकास को गति के साथ नई पहचान भी मिलेगी। स्वीकृत योजनाओं पर बरसात के बाद निर्माणदायी संस्था यूपी निर्माण निगम द्वारा कार्य शुरू किया जाना है। नगर पंचायत के प्रस्तावों को स्वीकृति प्रदान करने के लिए केंद्र सरकार और गढ़वाल सांसद बीसी खंडूरी का विशेष आभार।
-- अशोक खत्री, अध्यक्ष नगर पंचायत अगस्त्यमुनि।