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राखियां खरीदने के लिए बहनों की उमड़ी भीड़

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खटीमा में भारत-नेपाल सीमा पर तैनात एसएसबी जवानों को राखी बांधती पंजाबी महिला महासभा की पदाधिकार? - फोटो : KHATIMA
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रुद्रपुर। रक्षाबंधन के पर्व को दो दिन बचे हैं और बाजार में खरीदारी के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं। इस बार कोरोना काल के कारण पिछले वर्षों जैसी रौनक बाजार में नहीं है। वहीं, इस बार एक हजार से अधिक बहनों ने डाकघर से दूसरे राज्यों में रह रहे भाइयों को राखियां भेजी हैं।
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भाई-बहन के प्यार के प्रतीक रक्षाबंधन का त्योहार तीन अगस्त को मनाया जाएगा। शनिवार को बाजार में राखी, मिठाई और कपड़ों की दुकानों में खरीदारों की काफी भीड़ रही। भारत-चीन की विवाद के चलते इस बार दुकानदार भी स्वदेशी राखियां बेचते नजर आए। सर्राफा व्यापारी भी त्योहार को भुनाने में पीछे नहीं रहे। उन्होंने भी चांदी की राखियां अपनी दुकानों पर सजाई हैं।
वहीं, बच्चों के लिए लाइटिंग, म्यूजिकल, कार्टून कैरेक्टर की तमाम तरह की राखियां बाजार में बिक रही हैं। जिला मुख्यालय के मुख्य डाकघरों से भी पिछले 10 दिन में एक हजार से अधिक महिलाओं ने घर से बाहर रह रहे भाइयों को राखियां पार्सल कीं। पोस्टमास्टर यतेंद्र कुमार बमेठा ने बताया कि ईद की छुट्टी होने के बावजूद डाकघर के पोस्टमैन कर्मचारी बाहर से आई हुईं राखियों के पार्सल छंटनी करने में जुटे रहे ताकि भाइयों को समय से बहनों की राखियां मिल सकें।
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पंजाबी महासभा ने एसएसबी जवानों को बांधी राखी
खटीमा। उत्तरांचल पंजाबी महासभा की महिला शाखा ने भारत-नेपाल सीमा पर तैनात एसएसबी जवानों को राखी बांधकर दीर्घायु की कामना की। शनिवार महिला अध्यक्ष सोनिया सुनेजा के नेतृत्व में महिलाएं मेलाघाट स्थित सीमा पर पहुंची। वहां प्रदेश सचिव मनोज वाधवा, पूजा बत्रा, प्रियंका पुन्यानी, हरीश बत्रा, रोशन लाल ग्रोवर थे।
आइसोलेशन वार्ड में भर्ती भाइयों को राखी नहीं बांध पाएंगी बहनें
रुद्रपुर। कोरोना संक्रमण के कारण इस बार भाई-बहन का त्योहार रक्षाबंधन भी प्रभावित हुआ। आइसोलेशन वार्ड में भर्ती कोरोना संक्रमित और क्वारंटीन सेंटरों में रखे गए कोरोना संदिग्ध युवक अपनी कलाई पर राखी नहीं बांध पाएंगे। जिले में कोरोना के सामुदायिक संक्रमण के बढ़ते खतरे को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने यह सख्त निर्णय लिया है।
इस वर्ष तीन अगस्त को पड़ रहा रक्षाबंधन का पर्व जिले में सैकड़ों भाई-बहनों के लिए फीका साबित होगा। वर्तमान में जिले में करीब 600 कोरोना पॉजिटिव लोग आइसोलेट हैं। इसके साथ ही सैकड़ों कोरोना संदिग्ध लोग क्वारंटीन सेंटरों में भर्ती हैं लेकिन जिले में पिछले एक पखवाड़े से जिस तेजी के साथ कोरोना पॉजिटिव केस बढ़े हैं।
इसे देखते हुए स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन आइसोलेशन और क्वारंटीन में रह रहे महिला व पुरुषों को रक्षाबंधन पर किसी प्रकार की छूट देने के लिए तैयार नहीं है। इससे कोरोना संक्रमण का खतरा और बढ़ सकता है। बता दें कि जिले में अब तक करीब 1197 लोग कोरोना संक्रमित हो चुके हैं। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन रक्षाबंधन पर्व पर किसी प्रकार की छूट देकर खतरा नहीं लेना चाहता।
आइसोलेशन वार्ड या क्वारंटीन सेंटर में भर्ती लोगों को बहनें राखी नहीं बांध सकेंगी। वार्ड में बाहरी लोगों के प्रवेश से कोराना संक्रमण बढ़ सकता है। यदि आइसोलेशन वार्ड में बहन और भाई दोनों ही भर्ती हैं, तो वह इस पर्व को बना सकते हैं। - डॉ. अविनाश खन्ना, नोडल अधिकारी कोविड-19
रक्षाबंधन पर काशीपुर से टनकपुर तक ही मुफ्त सफर करेंगी बहनें
रुद्रपुर। उत्तराखंड रोडवेज ने रक्षाबंधन पर्व पर बहनों को बसों में नि:शुल्क यात्रा की सुविधा दी है। लेकिन कोरोना संक्रमण के कारण रुद्रपुर डिपो की बसें जसपुर से टनकपुर और हल्द्वानी के बीच ही संचालित हो रही हैं। इस कारण देहरादून समेत अन्य दूसरे जिलों तक जाने के लिए बहनों को आसानी से सुविधा मिलने में मुश्किलें होंगी।
परिवहन मुख्यालय से रक्षाबंधन पर रुद्रपुर डिपो की बसों के लंबे रूटों पर संचालन को लेकर नए आदेश नहीं मिलने के कारण बहनें असमंजस में हैं। इस संबंध में रुद्रपुर डिपो के एआरएम राकेश कुमार का कहना था कि कोरोना महामारी के कारण वर्तमान में रुद्रपुर डिपो की बसें सिर्फ काशीपुर, खटीमा, टनकपुर और हल्द्वानी तक ही संचालित हो रही हैं।
कोरोना संक्रमण काल में लोग भी लंबे रूटों पर यात्रा करने से बच रहे हैं। रुद्रपुर में 37 अनुबंधित बसों समेत कुल 84 बसें हैं लेकिन कोरोना महामारी को देखते हुए प्रतिदिन डिपो की सिर्फ आठ से 10 बसें ही संचालित हो रही हैं। रक्षाबंधन के दिन यात्रियों की संख्या बढ़ने पर बसों की संख्या बढ़ाई जाएगी। रक्षाबंधन पर पर्व पर बहनों को बसों में किसी प्रकार की असुविधा नहीं होगी।

रुद्रपुर के मुख्य बाजार में राखियां खरीदती महिलाएं।- फोटो : RUDRAPUR

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