अगस्त्यमुनि ब्लाक के ग्राम पंचायत मदोला में उरेडा द्वारा सात सोलर लाइटें लगाई गई हैं। स्वीकृति के नौ वर्ष विभाग द्वारा लगाई गई इन लाइटों में दो लगते ही खराब हो गई हैं। बीते जुलाई माह में उरेडा द्वारा गांव में अलग-अलग स्थानों पर सोलर लाइटें गई गई हैं।
पांच लाइटें ही काम कर रही हैं। डेढ़ माह बीत जाने के बाद भी विभाग द्वारा खराब दो लाइटों को ठीक नहीं किया गया है। ग्रामीणों का कहना है कि विभाग को सार्वजनिक स्थानों पर लाइटें लगाने को कहा गया था। पर लाइटों घरों से दूर रास्तों व खेतों में लगा दी गई हैं।
ग्राम प्रधान बीरेंद्र सिंह नेगी ने बताया कि गांव के लिए आठ सोलर लाइटें स्वीकृत हुई थीं। एक लाइट तो नौ वर्ष तत्कालीन ग्राम प्रधान के घर पर लगा दी गई थी। शेष सात लाइटें अब, डेढ़ माह पूर्व लग पाई हैं। विदित हो कि वर्ष 2007 में ग्राम पंचायत मदोला के लिए उरेडा से आठ सोलर लाइटें स्वीकृत की गई थीं।
इन लाइटों की कीमत तब 1 लाख, 95 हजार 922 रुपये थी। विभाग द्वारा आठ वर्ष तक ये लाइटें गांव में नहीं लगाई गई। जबकि अभिलेखों मेें इन्हें गांव में लगाया हुआ दिखाया गया था। ग्रामीण सत्यपाल सिंह नेगी ने मार्च 2014 में आरटीआई में लाइटों की कीमत और इन्हें लगाने के मकसद सहित पांच बिंदुओं पर जानकारी मांगी थी।
विभाग द्वारा आज तक लाइटों की कीमत बताने के अलावा अन्य किसी भी बिंदु पर जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई है। इधर, उरेडा के वरिष्ठ परियोजना अधिकारी नीरज गर्ग ने बताया कि दो खराब लाइटों को ठीक कर जल्द लगवा दिया जाएगा।