- भूस्खलन व सिंकिंग प्रभावित स्थलों का हो रहा वैज्ञानिक उपचार
यात्रा से पहले एनएच से सटीं संवेदनशील पहाड़ियों का हो रहा ट्रीटमेंट
रुद्रप्रयाग। आगामी केदारनाथ धाम यात्रा से पहले रुद्रप्रयाग जिले में राष्ट्रीय राजमार्गों पर भूस्खलन और अस्थिर ढलानों का वैज्ञानिक उपचार किया जा रहा है। एनएच-7, एनएच-107 और एनएच-107ए के प्रभावित स्थलों में सुधारात्मक कार्य कर मार्ग को सुरक्षित और यातायात योग्य बनाया जा रहा है। रुद्रप्रयाग से सोनप्रयाग के बीच एनएच-107 पर मेदनपुर और कुंड बैराज, कुंड-गुप्तकाशी मार्ग, खाट, कालाढूंगी-1 एवं कालाढूंगी-2 में पेवमेंट कार्य पूरा कर दिया गया है। एनएच-107ए पर ताला के समीप कार्य भी समाप्त हो चुका है। वहीं बांसवाड़ा, रामपुर और मुनकुटिया में भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों में कार्य जारी है। इसके अतिरिक्त विद्याधाम, देवीधार सिंकिंग, कोरखी-1, खुमेरा, चुन्नी-2 और मस्तुरा-2 मार्गों पर भी यात्रा शुरू होने से पहले ट्रीटमेंट पूरा किया जाएगा। एनएच के अधिशासी अभियंता ओमकार पांडेय ने बताया कि सभी आवश्यक तैयारियां की जा रही हैं। नालियों और मलवे की सफाई, झाड़ी कटान, क्षतिग्रस्त क्रैश बैरियर की मरम्मत और रेट्रो-रिफ्लेक्टिव टेप लगाने का कार्य लगातार प्रगति पर है। सड़क पर पैच मरम्मत का कार्य 20 फरवरी के बाद शुरू किया जाएगा। राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-107 पर 9 अन्य स्थानों और एनएच-7 के सिरोबगड़ में एक लोकेशन पर निविदा प्रक्रिया जारी है, जहां कार्य यात्रा समाप्त होने के बाद कराए जाएंगे।