मानव-वन्यजीव संघर्ष रोकने के लिए अपनाई जाएगी नई पहल
संवाद न्यूज एजेंसी
रुद्रप्रयाग। मानव-वन्यजीव संघर्ष की आशंका वाले क्षेत्रों की पहचान के लिए वन विभाग ग्रामीणों के पारंपरिक ज्ञान और अनुभवों की मदद लेगा। रुद्रप्रयाग वन प्रभाग ने सामुदायिक हैजर्ड मैपिंग की प्रक्रिया आगे भी जारी रखने का निर्णय लिया है। इसके तहत वन्यजीवों की आवाजाही, पूर्व में हुई घटनाओं और संवेदनशील स्थलों की जानकारी जुटाकर जोखिम वाले क्षेत्रों को चिह्नित किया जाएगा।
वन्यजीव सप्ताह के दौरान जखोली की उत्तरी और दक्षिणी रेंज के कोटी, डांगी, सिनगाटा, स्वीली-सेम और डडोली सहित खांकरा रेंज के पाटा, बांसी आदि गांवों में मैपिंग की गई। ग्रामीणों से संवाद कर वन्यजीवों की गतिविधियों और संघर्ष की आशंका वाले स्थानों की जानकारी ली गई। क्षेत्र के अनुसार सुरक्षा उपाय तय करने में मदद मिलेगी। विद्यार्थियों को वन्यजीव संरक्षण और मानव-वन्यजीव सह-अस्तित्व की जानकारी दी गई। प्रभागीय वनाधिकारी विनीत कुमार मिश्रा के नेतृत्व में वन विभाग की टीम ने चोपता क्षेत्र के मक्कू बैंड और बनियाकुंड में स्वच्छता अभियान चलाया। इस दौरान वन पंचायत मक्कू, स्थानीय नागरिकों और पर्यटकों के सहयोग से कचरा एकत्र कर प्राकृतिक स्थलों को स्वच्छ रखने का संदेश दिया।