ग्राम पंचायत ल्वारा व सेमी-भैंसारी के लिए रावण गंगा में बनने वाली 1.5 मेगावाट की लघु जल विद्युत परियोजना से प्रतिवर्ष 4.5 करोड़ रुपये की आमदनी होगी। इस परियोजना पर पूरा स्वामित्व सेमी-भैंसारी ग्राम पंचायतों का होगा।
इस परियोजना से प्रतिवर्ष 90 लाख यूनिट बिजली का उत्पादन होगा। साढ़े चार रुपये की दर से सरकार व यूपीसीएल ग्रामीणों से बिजली खरीदेगा। रावण गंगा पर वर्ष 1960 में भी लघु जल विद्युत परियोजना बनाई गई थी, जो 1985 में खत्म हो गई थी। इसके बाद इस परियोजना को मृत घोषित किया गया। बीते वर्ष यूजेवीएन ने दोनों ग्राम पंचायतों के साथ वार्ता के बाद पुन: निर्माण पर सहमति बनी। ऊर्जा सचिव डा. उमाकांत पंवार ने बताया कि इसी तर्ज पर पहाड़ में गाड़-गदेरों से जुड़े गांवों में भी लघु परियोजनाएं बनाई जाएंगी।