स्कूल संचालन का कोई ठौर नहीं
भूस्खलन की जद में आने से कभी लॉज तो कभी किराए के भवन में संचालित
पहले तो 2013 की आपदा से भूस्खलन की जद में आया प्राथमिक विद्यालय खाट की रही-सही कसर राजमार्ग निर्माण खंड ने पूरी कर दी है।
विभाग ने रुद्रप्रयाग-गौरीकुंड राजमार्ग पर गांव के नीचे हो रहे भूस्खलन से ध्वस्त सड़क को बचाने के लिए सड़क के ऊपर की तरफ इस तरह कटिंग की है कि वहां स्कूल सहित पंचायत भवन और प्रसूति गृह ढहने के कगार पर पहुंच चुके हैं। ऐसे में बेसिक स्कूल खाट के संचालन का तो कोई ठौर ही नहीं है। यह स्कूल कभी लॉज तो कभी किराए के मकान में चलता रहा। अब डेढ़ माह से स्कूल का संचालन गांव के आवासीय मकान के एक कमरे में किया जा रहा है।
जिला मुख्यालय से 65 किमी दूर रुद्रप्रयाग-गौरीकुंड राजमार्ग के निकट बसे खाट गांव का प्राथमिक स्कूल बंजारों की तरह एक जगह से दूसरी जगह पर संचालित हो रहा है। ढाई वर्ष से विद्यालय का एक स्थान पर स्थायी संचालन नहीं होने से पठन-पाठन सहित नौनिहालों की अन्य गतिविधियां भी प्रभावित हो रही हैं। फरवरी से यह विद्यालय गांव के एक निजी घर के एक कमरे में चल रहा है। चौक में ही स्कूल का मीड-डे-मील भी बन रहा है। 28 बच्चों के लिए बाथरूम व पानी की पर्याप्त सुविधा नहीं होने से दिक्कतें हो रही हैं। पांच कक्षाओं में पढ़ रहे 28 बच्चों की पढ़ाई के लिए यहां एक शिक्षिका ही तैनात है।
लॉज में भी चला स्कूल
जून 2013 की आपदा के बाद जुलाई से अक्तूबर तक खाट प्राथमिक विद्यालय लॉज में संचालित हुआ। इसके बाद कुछ माह पुन: मूल भवन पर चला। दो वर्ष की बरसात में खतरे के कारण बाजार में किराए के कमरों पर कक्षाएं चलाई गई।
शासन, प्रशासन और विभाग को कई बार स्कूल की स्थिति से अवगत कराने के बाद भी किसी के कान पर जूं तक नहीं रेंग रही है। स्थायी संचालन नहीं होने से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। जुलाई तक उचित व्यवस्था नहीं हुई तो जिला शिक्षाधिकारी कार्यालय पर धरना दिया जाएगा।- दुर्गा देवी, ग्राम प्रधान खाट
मैं 13 वर्ष से विद्यालय में अकेली हूं। तीन वर्ष से विद्यालय किसी एक स्थान पर संचालित नहीं होने से कई दिक्कतें आ रही हैं। कई बार विभाग को प्रस्ताव भेजे गए हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है। - कुंवरी देवी राणा, प्रधानाध्यापिका राजकीय प्राथमिक विद्यालय खाट