रुद्रप्रयाग। गौरीकुंड हाईवे पर संगम बाजार में जर्जर सुरंग पर ट्रीटमेंट का कार्य लगभग पूरा होने के बाद वाहनों की आवाजाही के लिए खोल दिया गया है। तीन माह बाद सुरंग के खुलने से केदारघाटी व स्थानीय लोगों को रुद्रप्रयाग बाईपास की छह किमी की अतिरिक्त दूरी तय नहीं करनी पड़ेगी। इससे लोगो ने राहत की सांस ली।
बीते 5 जुलाई को हुई भारी बारिश से जिला मुख्यालय के संगम बाजार स्थित सुरंग के एक हिस्से से मलबा व पत्थर हाईवे पर गिर गए। लोगों की सुरक्षा को देखते हुए सुरंग को वाहनों एवं राहगीरों के आवाजाही के लिए बंद कर दिया गया था। इसके बाद सुरंग पर दूसरे चरण का ट्रीटमेंट का कार्य शुरू किया गया। सुरंग पर कार्य होने के चलते तिलवाड़ा से आने वाले और रुद्रप्रयाग से केदारनाथ की ओर से जाने वाले वाहनों की आवाजाही जवाड़ी बाईपास से की जा रही थी। जिससे वाहन चालकों एवं राहगीरों को आवाजाही में खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। सुरंग बंद होने का असर साफ तौर पर मुख्य बाजार पर भी पड़ने लगा।
लगभग तीन माह बाद सुरंग का कार्य पूरा होने पर वाहनों के संचालन के लिए खोल दी गई है। हालांकि अभी सुरंग पर पेंट एवं लाइटिंग का कार्य होना शेष है। संगम बाजार में फिर से वाहनों का आवागमन शुरू होने से रौनक भी बढ़ गई है। जबकि नैल, तहसील, जागतोली, माई की मंडी, जवाड़ी सहित भरदार एवं केदारघाटी की जनता ने राहत की सांस ली है। अब बदरीनाथ से आने वाले वाहनों को बाईपास से भेजा जा रहा है। जिससे मुख्य बाजार में जाम की समस्या से भी निजात मिल सकेगी। एनएच के अधिशासी अभियंता रमेश चंद्रा ने बताया कि सुरंग का कार्य लगभग पूरा हो गया है। जो शेष कार्य है, वह साथ-साथ होता रहेगा।