जिले में अगस्त्यमुनि, ऊखीमठ और जखोली ब्लाक के गांवों को जोड़ने वाले संपर्क मार्ग बंद होने से ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
गुप्तकाशी-कालीमठ-जाल-चौमासी मार्ग के बंद होने से कालीमठ घाटी के 15 से अधिक गांवों का गुप्तकाशी व ऊखीमठ से संपर्क कट गया है। वहीं विजयनगर-तैला और सूर्यप्रयाग-मुसढुंग सड़कों के अवरुद्ध होने से सिलगढ़ पट्टी की 24 ग्राम पंचायत अलग-थलग पड़ गई हैं। मयाली-गुप्तकाशी मार्ग पर भी कई जगह मलबा आने से क्षेत्र के 50 से अधिक गांवों के ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
जिला प्रशासन के आपदा कंट्रोल रूम से के अनुसार अगस्त्यमुनि ब्लाक की 13, जखोली की 9 और ऊखीमठ ब्लाक के सात संपर्क मार्ग बंद हैं। इन मार्गों के बंद होने से तीनों ब्लाकों के एक सौ से अधिक गांव प्रभावित हुए हैं। रुद्रप्रयाग-गौरीकुंड राजमार्ग, सोनप्रयाग-गौरीकुंड के बीच सातवें दिन भी बंद रहा। वहीं ऋषिकेश-बदरीनाथ राजमार्ग सिरोहबगड़ से कमेड़ा तक संवेदनशील बना हुआ है। लोनिवि के ईई और नोडल अधिकारी इंद्रजीत बोस ने कहा कि बंद मार्गों को खोलने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। मलबा सफाई के लिए कुछ मार्गों पर मशीनें तैनात की गई हैं।
छह गांवों की बिजली लाइन टूटी
रुद्रप्रयाग। बारिश से भू-धंसाव और अन्य कारणों से छह गांवों की विद्युत लाइनों को भी क्षति पहुंची है। ग्राम पंचायत मदोला में 11केवी लाइन के तार टूट से सप्लाई ठप है। भटवाड़ी और पाबौ-पीड़ा में पोल ढहने से एलटी लाइनें क्षतिग्रस्त हुई हैं। उधर केदारघाटी के ग्राम पंचायत ल्वारा और रामपुर में बिजली लाइनों को क्षति पहुंची है।
छह पेयजल लाइनें हुई ध्वस्त
रुद्रप्रयाग। जखोली ब्लाक के माथगांव व डोभा गांव सहित छह गांवों की पेयजल लाइनें क्षतिग्रस्त हुई हैं। ये ग्रामीण गाड़-गदेरों का दूषित पानी पीने को मजबूत हैं। विदित हो कि जिले में 20 मई से 30 जून तक हुई बारिश व अतिवृष्टि से 45 योजनाएं पहले ही क्षतिग्रस्त हैं।