इधर, पुलिस अधीक्षक आयुष अग्रवाल ने बताया कि घटना काफी दुखद है। इसके बारे में पूरी जानकारी जुटाई जा रही है। आरोपी कांस्टेबल को पहले ही निलंबित किया जा चुका है। वहीं, मृतक के परिजनों की तहरीर पर आरोपी कांस्टेबल दीपक चंद्र के खिलाफ सोनप्रयाग कोतवाली में आईपीसी की धारा 302 में मुकदमा दर्ज कर दिया गया है। आरोपी को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया है। पुलिस अधीक्षक ने कहा कि पीड़ित परिवार की हरसंभव मदद की जाएगी।
व्यापारियों ने बंद रखा सोनप्रयाग बाजार
पुलिस कांस्टेबल की ओर से पीआरडी जवान की मौत के विरोध में सोनप्रयाग व्यापार संघ ने सुबह से बाजार बंद रखा। उप जिलाधिकारी जितेंद्र वर्मा, सीओ विमल रावत व सीओ हर्षवर्धनी सुमन ने व्यापार संघ प्रतिनिधियों को 24 घंटे में पूरे प्रकरण में शामिल दोषियों के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन दिया, जिसके बाद दोपहर बाद बाजार खोला गया।
वहीं जिला पंचायत उपाध्यक्ष सुमंत तिवारी के नेतृत्व में जिला पंचायत सदस्य गणेश तिवारी व सुमन नेगी ने पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपकर सोनप्रयाग कोतवाली में तैनात स्टाफ को तत्काल हटाने की मांग की। उन्होंने कहा कि केदारनाथ यात्रा को एक माह हो गया है। इस दौरान प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु यहां पहुंच रहे हैं, लेकिन पुलिस का व्यवहार आमजन के साथ अच्छा नहीं है। इस घटना से लोगों का मित्र पुलिस के प्रति विश्वास हटने लगा है। इस मौके पर व्यापार संघ अध्यक्ष अंकित गैरोला सहित अन्य मौजूद थे।
सीएम राहत कोष से एक लाख रुपये की घोषणा
मृतक पीआरडी जवान शूरवीर के परिवार को मुख्यमंत्री राहत कोष से एक लाख रुपये की आर्थिक मदद दी जाएगी। साथ ही परिवार के एक सदस्य को पीआरडी के माध्यम से रोजगार दिया जाएगा। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने बताया कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पीड़ित परिवार को आर्थिक मदद व रोजगार की बात कही है। साथ ही जिला प्रशासन द्वारा मृतक के बच्चों की पढ़ाई की व्यवस्था की जाएगी।