लोक निर्माण विभाग की लापरवाही और जल संस्थान की उदासीनता ग्राम पंचायत गहड़ के लोगों पर भारी पड़ रही है।
सड़क निर्माण से टूटी पेयजल योजना की वर्ष नवंबर 2014 से अब तक मरम्मत नहीं हो पाई है।
इससे गांव के 80 से अधिक परिवार डेढ़ किमी दूर प्राकृतिक स्रोत से पानी जुटाने को मजबूर हैं। ऊपर से स्रोत पर भी पानी कम होने से मुश्किलें और बढ़ी हुई हैं।
ग्राम प्रधान ने शीघ्र पेयजल लाइन की मरम्मत कर सप्लाई बहाल नहीे करने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।
वर्ष 2014 अक्तूबर-नवंबर में खांकरा-खेड़ाखाल मोटर मार्ग पर लोनिवि ने पांच किमी नौखू-दानकोट हल्का वाहन मार्ग का निर्माण शुरू किया।
सड़क के मलबे से कालोगाड़-गहड पेयजल योजना के 16 पाइप क्षतिग्रस्त हो गए। ग्रामीणों ने प्लास्टिक के पाइपों से वैकल्पिक व्यवस्था के प्रयास किए गए, लेकिन बात नहीं बन पाई। दूसरी तरफ जलंस्थान ने एक बार भी टूटी पेयजल योजना की सुध नहीं ली।
इससे गहड, खाल्यू के 80 से अधिक परिवार पेयजल संकट से जूझ रहे हैं। ग्राम प्रधान जीवन प्रकाश का कहना है कि दोनों विभागों को कई बार अवगत कराने पर भी स्थिति जस की तस बनी हुई है।
उन्होंने 15 दिन में पेयजल लाइन की मरम्मत नहीं होने पर जलसंस्थान कार्यालय पर प्रदर्शन की चेतावनी दी है।
इधर, जलसंस्थान के जेई रेवत सिंह रावत ने बताया कि लोनिवि द्वारा मार्ग का निर्माण पूरा करने के बाद ही पेयजल लाइन की मरम्मत की जाएगी। मौके पर नए पाइप पहुंचा दिए गए हैं।