ऊखीमठ-गोपेश्वर राष्ट्रीय राजमार्ग रौडू में पहाड़ी से भारी मलबा आने से हुआ बंद।
- फोटो : Amar Ujala
लगातार हो रही बारिश से ऊखीमठ-गोपेश्वर राजमार्ग पर रौडू और ताला में पुस्ता ढहने और पहाड़ी से गिरे भारी बोल्डरों से अवरुद्ध हो गया है। मशीनों की मदद से मार्ग को खोलने का प्रयास किया जा रहा है। इधर, रुद्रप्रयाग-गौरीकुंड राजमार्ग भीरी में शाम चार बजे पहाड़ी से हुए भूस्खलन से बंद हो गया।
रुक-रुककर होती रही तेज बारिश
जनपद के ऊखीमठ क्षेत्र में बृहस्पतिवार देर शाम से रुक-रुककर हो रही तेज बारिश से तुंगनाथ घाटी में विद्युत लाइनों को व्यापक नुकसान हुआ है। यहां बरसाती नाले उफान पर हैं। शुक्रवार दोपहर को मस्तूरा घाटी के नीचे गोलियाबगड़ में भारी भूस्खलन से ऊर्जा निगम की 11केवी लाइन का एक पोल ढहने से तारें टूट गई। इससे हुड्डू, उषाड़ा, दैड़ा, कांडा, बरंगाली, ग्वाड़, डिलणा आदि गांवों में विद्युत सप्लाई ठप हो गई है।
इधर, रुद्रप्रयाग में हल्की बारिश हुई। जबकि रुद्रप्रयाग से गौचर और रुद्रप्रयाग से केदारनाथ के मध्य कई स्थानों पर मूसलाधार बारिश हुई। अगस्त्यमुनि के भीरी से एक किमी आगे परकंडी गांव की सड़क के समीप बना एक व्यवसायिक भवन पहाड़ी से हुए भूस्खलन से ध्वस्त हो गया।
जखोली ब्लाक में सुबह से दोपहर तक रुक-रुककर कर हल्की बारिश हुई। रुद्रप्रयाग में पूर्वाह्न 10 बजे अलकनंदा का जलस्तर 622.350 मीटर था, जो शाम 5 बजे बढ़कर 622.600 मीटर तक पहुंच गया। मंदाकिनी का जलस्तर 621.100 से बढ़कर 621.140 मीटर पहुंच गया। केदारनाथ सहित पैदल पड़ावों पर दिनभर में रुक-रुककर बारिश होती रही। यहां घना कोहरा छाया हुआ है।