13 वर्षों से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ऊखीमठ में कार्यरत स्टाफ नर्स रामेश्वरी देवी गांव-गांव के लिए संजीवनी का काम कर रही हैं। वह अभी तक दो हजार से अधिक सुरक्षित प्रसव करा चुकी हैं और अब इन दिनों कोरोना वैक्सीनेशन में अहम भूमिका निभा रही है। वे अभी तक 300 लोगों को कोरोना का टीका लगा चुकी हैं।
परकंडी के चौंडा गांव निवासी रामेश्वरी रावत की पहली पोस्टिंग वर्ष 2008 में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ऊखीमठ में बतौर स्टाफ नर्स के पद पर हुई। वे पहले दिन से ही जरूरतमंदों के लिए समर्पित रहीं। वे 13 वर्षों में अस्पताल में मद्महेश्वर घाटी, तुंगनाथ घाटी एवं कालीमठ घाटी के गांवों की दो हजार से अधिक गर्भवती महिलाओं का सुरक्षित प्रसव करा चुकी हैं। सीमित संसाधनों के बाद भी वे अपने अनुभव से कठिन से कठिन परिस्थितियों में भी काम करती हैं। बीते वर्ष स्वतंत्रता दिवस पर स्वास्थ्य महानिदेशक ने उन्हें प्रदेश स्तर पर सम्मानित किया था। साथ ही वर्ष 2018 में जिला स्तर पर तत्कालीन जिलाधिकारी मंगेश घिल्डियाल व सीएमओ डा. सरोज नैथानी की ओर से भी स्टाफ नर्स रामेश्वरी रावत को जिले की सर्वश्रेष्ठ स्टाफ नर्स के रूप में सम्मानित किया जा चुका है। मद्महेश्वर मेला समेत अन्य सामाजिक मंचों पर भी उन्हें सम्मानित किया जा चुका है। वे ड्यूटी समय पर अस्पताल में अपनी जिम्मेदारियों का बखूबी निर्वहन करने के साथ राष्ट्रीय अभियानों में भी सक्रियता के साथ प्रतिभाग करती हैं।
ऊखीमठ स्वास्थ्य केंद्र में तैनात स्टाफ नर्स रामेश्वरी रावत विभाग का गौरव हैं। वे जिस कर्तव्यनिष्ठा के साथ अपना काम करती हैं, वह सभी के लिए प्रेरणा है। मैं उनके उज्जवल भविष्य की कामना करता हूं। - डा. बीके शुक्ला, मुख्य चिकित्साधिकारी रुद्रप्रयाग।