तहसील क्षेत्र में कुछ समय से रात को हो रही मूसलाधार बारिश ग्रामीणों के लिए आफत बनकर बरस रही है। सोमवार रात हुई तेज बारिश से तहसील क्षेत्र के ग्राम हुड्डू, उषाड़ा, दैड़ा, पापड़ी आदि गांव/तोक में कई घरों में बरसाती पानी व मलबा घुसने से भारी नुकसान हुआ है।
पापड़ी तोक में बरसाती गदेरे के उफान से छह परिवार खतरे की जद में आ गए हैं। यहां गदेरे के दोनों तरफ कटान होने से खाई बन गई है। रूपलाल ने बताया कि बस्ती के ऊपर और नीचे की तरफ पड़ी दरार से कभी भी आवासीय मकान, गोशाला और खेत ध्वस्त हो सकते हैं। ऊषाड़ा गांव के महिपाल बजवाल का कहना है कि सुशीला देवी, रणवीर सिंह, महिपाल सिंह, विक्रम सिंह व गोपाल सिंह के आवासीय मकान भूस्खलन की जद में आ गए हैं।
प्राइमरी स्कूल के पिछले हिस्से में भू-धंसाव हो रहा है। मस्तूरा गांव के खड़वासा तोक में ताला-सारी मोटर मार्ग से हो रहे भूस्खलन से जसपाल नेगी, रजपाल नेगी के मकान को क्षति पहुंची है।
बरसाती पानी घुस रहा घरों में
ऊखीमठ-मंडल-गोपेश्वर राजमार्ग पर रौडू में बरसाती पानी की निकासी नहीं होने से मलबा और पानी गांव में घुस रहा है। यहां बारिश होते ही ग्रामीण रतजगा कर रहे हैं। इधर, निर्माणाधीन ऊखीमठ-पेंज-करोखी मार्ग पर हो रहे कटान के मलबे से उदयपुर वार्ड निवासी मंगली देवी के मकान पर दरारें पड़ गई हैं।
पांच घंटे बंद रहा राजमार्ग
ऊखीमठ। सोमवार रात को हुई मूसलाधार बारिश से ऊखीमठ-मंडल-गोपेश्वर राजमार्ग भारत सेवाश्रम के समीप डुंगर, बंज्याणी, रौडू एवं ताला में अवरुद्ध हो गया था। मंगलवार सुबह 6 बजे से मशीनों से मलबा और बोल्डर की सफाई का काम शुरू कर पूर्वाह्न 11 बजे यातायात बहाल किया गया।
पेयजल सप्लाई चार दिन से बंद
ऊखीमठ। रौडू में राजमार्ग के बार-बार अवरुद्ध होने से ऊखीमठ नगर की पेयजल सप्लाई चार दिन से ठप हैं। लोग प्राकृतिक स्रोतों से अपनी जरूरतें पूरी कर रहे हैं। कई लोग अपने वाहनों से कुंड व अन्य दूरस्थ स्थानों से पानी ला रहे हैं।
प्रभावित गांवों व कस्बों में की स्थिति का जायजा लेने के लिए तहसीलदार को निर्देश दिए गए हैं। प्रभावितों की मदद के लिए हरसंभव इंतजाम किए जा रहे हैं।
- उत्तम सिंह चौहान, उपजिलाधिकारी ऊखीमठ