मूसलाधार बारिश ने एक बार फिर लोगों को डरा दिया। तेज बारिश से उफान पर आए रावल गदेरे का पानी यहां बाजार के साथ ही गांव के कई घरों में घुस गया। ऐसे में अफरा-तफरी के बीच लोग रतजगा करते रहे। शुक्रवार रात करीब साढ़े आठ से नौ बजे के बीच हुई तेज बारिश से रावल गदेरा का जल स्तर बढ़ने से मलबा के साथ बरसाती पानी 20 सेे अधिक दुकानों व आवासीय घरों में घुस गया। सड़क के ऊपर की तरफ कई फीट मलबे के ढेर से लोगों और यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई।
लोग सुरक्षा को देखते हुए घरों से बाहर निकल आए। इस दौरान पुलिस के समझाने पर स्थिति काबू में हो पाई। बारिश थमने और गदेरा का जल स्तर घटने के बाद सबने राहत की सांस ली। प्रभावित लोग रातभर अपने घरों आंगन और कमरों में घुसे मलबे को साफ करते रहे। शनिवार को भी दिनभर दुकानों से लेकर घरों में लोग मलबा सफाई में जुटे रहे। बाजार में मशीनों की मदद से सड़क पर जमे मलबे को साफ किया गया।
इधर, शनिवार को केदारनाथ की पूर्व विधायक आशा नौटियाल, अगस्त्यमुनि के नगर पंचायत अध्यक्ष अशोक खत्री, ग्राम प्रधान मदन अग्रवाल ने भ्रमण कर स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने शासन-प्रशासन से गुप्तकाशी में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम की मांग की है। इधर, थानाध्यक्ष जयपाल सिंह नेगी ने बताया कि सुरक्षा के सभी इंतजाम किए जा रहे हैं।
इन घरों व दुकानों को हुआ नुकसान
राजस्व उप निरीक्षक प्रेम सिंह रौथाण ने बताया कि मलबे से रवींद्र रावत, मदन सिंह कोटवाल, प्रेम सिंह नेगी, योगेंद्र बिष्ट, वाजिद अली, वीरेंद्र गैरोला, प्रेम सिंह, मदन सिंह, वचन सिंह, प्रमोद सिंह, नवीन, रणजीत सिंह नेगी के आवासीय घरों में राशन, फर्नीचर, कपड़े आदि को नुकसान पहुंचा है। बाजार में कई दुकानों में रखे लाखों की सामग्री नष्ट हो गई है।
कभी हो सकती बड़ी त्रासदी
गुप्तकाशी। बाजार व गांव के बीच से बहने वाला रावल गदेरा कभी भी किसी बड़ी अनहोनी का कारण बन सकता है। गदेरे में सुरक्षा दीवार व चेक डैम नहीं बनने से हल्की बरसात में पानी बाजार व गांव में घुस जाता है। जून 2013 की आपदा के बाद से लोग गदेरे का स्थायी ट्रीटमेंट की मांग करते आ रहे हैं।
बाजार में निकास नालियां बंद
गुप्तकाशी। रुद्रप्रयाग-गौरीकुंड राजमार्ग पर बसे गुप्तकाशी में सड़क किनारे दोनों तरफ निकास नाली लंबे समय से बंद हैं। शुक्रवार रात को रावल गदेरे के मलबे का बाजार में घुसने का मुख्य कारण यह भी रहा। व्यापार संघ अध्यक्ष अनुसूया प्रसाद ने बताया कि मार्च माह में एनएच को निकाल नालियों की सफाई के लिए कहा गया था। लेकिन आज तक ऐसा नहीं हो पाया है। उन्होंने प्लास्टिक कचरे के निस्तारण की मांग भी की।
पेयजल लाइन भी ध्वस्त
गुप्तकाशी। शुक्रवार रात को हुई मूसलाधार बारिश और रावल गदेरे के उफान से नगर की पेयजल लाइन भी ध्वस्त हो गई है। शनिवार को विश्वनाथ मंदिर में प्राकृतिक धारे और दूरस्थ स्रोतों से लोगों ने पानी जुटाया। इधर, कांग्रेस के प्रदेश महामंत्री प्रदीप बगवाड़ी ने कहा कि नगर में निकास नालियों की सफाई नहीं होने से मलबा घरों व दुकानों मेें घुसा है। वहीं पेयजल लाइन को भी मलबे से क्षति पहुंची है। उन्होंने प्रशासन ने गुप्तकाशी में बरसाती पानी की निकासी की उचित व्यवस्था करने की मांग की है।